खीरों ब्लॉक क्षेत्र में सोमवार को तेज बारिश के साथ ओले गिरे। इससे खेतों में खड़ी सरसों, अरहर व आलू की फसल जमीन पर बिछ गई। फसल नुकसान के किसानों के चेहरे मुरझा गए हैं। बारिश के कारण क्षेत्र की बिजली व्यवस्था भी ठप हो गई है।
दो फीडर बंद होने से आठ हजार से अधिक उपभोक्ता अंधेरे में हैं। वहीं भदोखर थाना क्षेत्र में सोमवार को एक वृद्धा की ठंड से मौत हो गई। परिवारीजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
खीरों ब्लॉक क्षेत्र में सोमवार शाम करीब पांच बजे अचानक मौसम का मिजाज बदल गया।
देखते ही देखते तेज बारिश के साथ ओले गिरने लगे। क्षेत्रीय लोगों की मानें तो 20 मिनट तक बारिश के साथ ओले गिरे। हालात ये रहे कि हर तरफ ओले ही ओले नजर आ रहे थे। इससे सबसे अधिक नुकसान रबी की फसल को हुआ। सरसों, अरहर व आलू की फसल जमीन पर बिछ गई। फसल नुकसान से किसानों के चेहरे पर मायूसी छा गई।
खीरों गांव के किसान शिव अधार यादव, सगुनी के राम अवतार पासी, खीरों के अशोक आदि का कहना है कि इस बार फसल अच्छी थी। नुकसान से लागत निकालना मुश्किल हो जाएगा। उधर, बारिश व ओले के कारण पाहो, सतांव फीडर बंद हो गए हैं। दो फीडरों के अंतर्गत आठ हजार उपभोक्ता अंधेरे में हैं।
भदोखर थाना क्षेत्र में सोमवार को एक वृद्धा की ठंड से मौत हो गई। परिवारीजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। रमसगरा मजरे मधुपुरी गांव निवासी (60) पत्नी गुंगई रात में छप्पर के नीचे सो रही थी। सुबह जब उसका बेटा अंकित मां को जगाने पहुंचा तो वह चारपाई पर मृत मिली।
पूर्व प्रधान रमाशंकर पांडेय ने बताया कि महिला की ठंड से मौत हुई। वृद्धा की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। एसडीएम शैलेंद्र मिश्रा ने बताया कि जांच कराई जाएगी। एक्सईएन पावर कॉर्पोरेशन पीके सिंह का कहना है कि बारिश और ओले की वजह से आए फॉल्ट के कारण फीडर बंद हुए हैं। फीडर ठीक करके आपूर्ति चालू कराने का प्रयास किया जा रहा है।