सतांव-बछरावां (रायबरेली)। सुल्तानपुर में शुक्रवार रात हुए हादसे में रायबरेली के तीन युवकों की मौत से परिवार पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। यह तीनों भट्ठे पर मजदूरी करने के लिए घर से निकले थे और होली पर घर लौटने की बात कही थी। उनकी मौत की खबर से परिवार के साथ ही गांव भर में मातम पसर गया। गमगीन परिजनों के जुबां से बस इतना ही निकला कि अब होली पर किसका इंतजार करेंगे। रायबरेली के गुरुबख्शगंज और बछरावां इलाके के रहने वाले 14 लोग शुक्रवार को मऊ स्थित भट्ठे पर मजदूरी करने के लिए पिकअप पर सवार होकर घर से निकले थे।
सुल्तानपुर में गंगा एक्सप्रेस-वे पर ट्रक की टक्कर से पिकअप सवार गुरुबख्शगंज थाना क्षेत्र के गंभीपुर गांव निवासी अजय (26), रजोले (30) और बछरावां कोतवाली क्षेत्र के उफरामऊ गांव किशनपाल (40) की मौत हो गई, वहीं अन्य मजदूर घायल हो गए। घायलों का इलाज अंबेडकर नगर जिला अस्पताल में चल रहा है। मृतक रजोले अपने पांच भाइयों में सबसे बड़े थे। परिवार की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। पिता रामसेवक के साथ मजदूरी कर परिवार को चला रहे थे। मां मायादेवी बेटे रजोले को याद करके बिलख पड़ती हैं। रोते-रोते बेहोश हो जाती हैं। कहती हैं कि बेटे ने होली पर घर आने की बात कही थी। भाई अनुज, अजय, राज व दीपक भी गमगीन हैं। रजोले की शादी अभी नहीं हुई थी।
मृतक अजय भी अपने चार भाइयों बबलू, सुनील व संजय में सबसे छोटे थे। मेहनत मजदूरी से ही अजय और उसके परिवार की गाड़ी चलती है। अजय के अन्य भाइयों की शादी हो गई और सभी अलग रहकर अपना परिवार चला रहे हैं। मृतक अजय अपने पिता रामनरेश व मां ज्ञानवती के साथ रहते थे। माता-पिता कहते हैं कि बेटे की जल्द शादी करने की तैयारी थी। अब उनके बुढ़ापे का कौन सहारा होगा। भगवान ने सबकुछ छीन लिया। उधर, बछरावां के उफरामऊ गांव निवासी किशनपाल की मौत से परिवार पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। मां किशना व छोटा भाई वीरपाल उर्फ गोलू के आंसू नहीं थम रहे हैं। मां बताती हैं कि बेटे किशन पाल का विवाह बीते 17 वर्ष पूर्व गंभीपुर निवासी गया प्रसाद की बेटी निर्मला के साथ हुआ था। शादी बाद दो बेटियां शिवानी (14), रागिनी (12) है। किशन घर का अकेला कमाने वाला था। किशना कहती हैं कि बेटे ने होली पर घर आने की बात कही थी
बेटी स्कूल न जाओ, आज के बाद नहीं देख पाओगी
किशनपाल की बेटी शिवानी व रागिनी पिता को याद कर रो रही हैं। रोते-रोते वह बेहोश हो रही हैं। बेटी शिवानी कहती हैं कि कल वह जब स्कूल परीक्षा देने गई थी तो उसके पिता ने स्कूल न जाने की भी बात कही थी और कहा था बेटी आज के बाद पिता को नहीं देख पाओगी। बेटी अब पिता की इस बात को याद कर रो रही है कि शायद स्कूल ना जाती तो आखिरी बार पिता को देख पाती।
किराए पर लिया था पिकअप
गंभीपुर गांव निवासी राम प्रसाद उर्फ भोलई (40) मजदूरों को भट्ठे पर ले जाने का काम करता है। वाहन गौरा सतांव निवासी गोलू का था। वाहन भी वही चला रहा था। हादसे में राम प्रसाद, गोली के अलावा विनोद कुमार, अशोक कुमार, शिवमोहन, रमेश कुमार आदि लोग घायल हुए हैं।