गल्लामंडी स्थित रेलवे ओवरब्रिज में लगा बैरियर।
रायबरेली। शहर के गल्ला मंडी के पास ओवरब्रिज क्षतिग्रस्त हुए डेढ़ माह बीत गए हैं, लेकिन इसकी मरम्मत को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। दो बार ओवरब्रिज की जांच हो चुकी है, लेकिन अभी यह तय नहीं हो पाया है कि ओवरब्रिज की मरम्मत सेतु निगम कराएगा या लोक निर्माण विभाग। अब तीसरी बार फिर ओवरब्रिज की जांच करने सेतु निगम की टीम आने की बात चल रही है।
लेटलतीफी के चलते मुसाफिरों और व्यापारियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। सबसे ज्यादा दिक्कत गल्ला मंडी जाने वाले किसानों और छोटे व्यापारियों को हो रही है। उन्हें चार किमी का चक्कर काटकर मंडी पहुंचना पड़ रहा है। जहानाबाद चौकी से रतापुर चौराहा जाने वाले मार्ग पर गल्ला मंडी के पास सेतु निगम की फतेहपुर इकाई ने 2011 में ओवरब्रिज का निर्माण कराया था। 17 अगस्त 2025 को ओवरब्रिज क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद ओवरब्रिज से आवागमन रोक दिया गया।
ओवरब्रिज की जांच के लिए लोक निर्माण विभाग ने आईआईटी वाराणसी को पत्राचार किया था। 29 अगस्त को एके शुक्ला की अगुवाई में आई टीम ने ओवरब्रिज की जांच की थी। जांच में एक गर्डर और एक पिलर (खंभा) के अलावा कई जगह छत जर्जर मिली थी। दोबारा फिर लोक निर्माण विभाग के विभागाध्यक्ष एके द्विवेदी व सेतु निगम के विभागाध्यक्ष ने 25 सितंबर को टीम के साथ ओवरब्रिज की जांच की।
फरवरी 2026 तक ओवरब्रिज से आवागमन शुरू होने का भरोसा भी दिया, लेकिन जिस तरह से दो विभागों के बीच खींचतान चल रही है, उससे यह नहीं लगता है कि समय से ओवरब्रिज से आवागमन शुरू हो पाएगा।
बजट और मरम्मत कार्य पर संशय बरकरार
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ओवरब्रिज का निर्माण सेतु निगम ने कराया था। डेढ़ साल पहले ओवरब्रिज को हैंडओवर किया गया। पुल की मरम्मत में अधिक धन और समय लगेगा, लेकिन इसके लिए बजट कौन देगा, कौन काम कराएगा, इसको लेकर संशय बना है। अधिकारियाें का कहना है कि मामला उच्चस्तर पर है, जैसा आदेश मिलेगा, उस हिसाब से काम कराया जाएगा।