रायबरेली। बछरावां विधानसभा क्षेत्र की नहरों में पानी पहुंचने से किसानों के चेहरे खुशी से खिल गए हैं। इसमें एक माइनर ऐसी है, जिसमें दो साल बाद टेल तक पानी पहुंचा। इससे किसानों को सिंचाई की समस्या से राहत मिली है। इस माइनर के टेल भाग में कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर लिया था, लेकिन इस बार अधिकारियों की सख्ती के चलते अतिक्रमण हटाया गया। इसके बाद टेल तक पानी पहुंचाया गया। किसानों का कहना है कि अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंचने से सिंचाई की समस्या से जूझना पड़ रहा था।
समोधा माइनर से करीब 300 से ज्यादा किसान सिंचाई करते हैं। हर साल सफाई होती थी, लेकिन टेल की तरफ लोगों ने माइनर को पाटकर अतिक्रमण कर लिया था। इसके चलते पानी नहीं पहुंच पा रहा था। किसान रामसुमेर, आशुतोष, मनीष कुमार, आशा शंकर वर्मा ने बताया कि टेल भाग की तरफ ज्यादा सिंचित क्षेत्र है, लेकिन पानी नहीं पहुंचने से किसान निजी संसाधनों से सिंचाई करते थे।
सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता नमन मिश्रा ने बताया कि किसानों की सहूलियत के लिए अतिक्रमण हटवाकर टेल तक पानी पहुंचा दिया गया है। हलोर प्रतिनिधि के मुताबिक महराजगंज क्षेत्र के अलीपुर, ठाकुरपुर, भटसरा, बरजोरगंज, धौकलगंज आदि गांवों से होकर निकली ओसाह माइनर में पानी पहुंचने से किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं।
किसान शेर बहादुर, ओम प्रकाश शुक्ला, तेजभान सिंह, सुभाष सिंह, कुंवरपाल सिंह, पंकज सिंह, रामकिशोर, हरीश, रामसमुझ, राजाराम, गफ्फार ने बताया कि गेहूं की पहली सिंचाई के लिए पानी की जरूरत थी। माइनर में पानी न आने से लोग मायूस थे, लेकिन समय से पानी आने से अब सिंचाई करने में सहूलियत मिलेगी। यदि समय से पानी नहीं आता, तो निजी संसाधनों का सहारा लेना पड़ता।