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जलभराव से आफत, मकान जमीदोज, पेड़ धरायाशी

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रायबरेली। जिले में बारिश आफत बन गई है। शनिवार को भी रुक-रुककर बारिश होती रही। इससे जहां लोगों को जलभराव से जूझना पड़ा, वहीं कई क्षेत्रों में पेड़ों के गिरने से आवागमन बाधित रहा। यही नहीं लोगों के मकान भी ढह गए। राजस्व की टीमों ने गांवों में पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया।
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बारिश के कारण शहर में इंदिरा नगर, किला बाजार, नया पुरवा, अस्पताल चौराहा, मधुबन रेलवे क्रासिंग, प्रभुटाउन समेत अन्य मोहल्लों में पानी भरा। इससे लोगों को आने जाने में परेशानी झेलनी पड़ी। पानी निकासी के लिए पालिका की ओर से उठाए जा रहे कदम नाकाफी साबित हुए। ईओ बालमुकुंद मिश्रा का कहना है कि पानी निकासी के लिए टीमें लगाई गई हैं।
परशदेपुर प्रतिनिधि के मुताबिक छतोह ब्लॉक क्षेत्र के जगतपुर गांव और प्राथमिक स्कूल में बारिश के कारण पानी भर गया। इससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। छतोह ब्लॉक प्रमुख सुखबीर सिंह ने गांव का जायजा लिया और पानी निकासी के इंतजाम करने की बात कही। रायबरेली-परशदेपुर मार्ग पर किरही नाला के पास शीशम का पेड़ गिर गया।
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इससे कई घंटे तक आवागमन बाधित रहा। जगतपुर प्रतिनिधि के मुताबिक क्षेत्र के अलावलपुर में बारिश से एक कच्चा मकान गिर गया। लक्ष्मण कस्बे में जगतपुर-डलमऊ मार्ग पर पेड़ गिर गया। इससे आवागमन प्रभावित रहा। सूचना पर पुलिस ने पहुंचकर स्थानीय लोगों की मदद से पेड़ को कटवाकर आवागमन शुरू कराया।
खीरों प्रतिनिधि के मुताबिक बारिश के कारण क्षेत्र में कई मकान गिर गए। गनीमत रही कि लोग बाल-बाल बच गए। महराजगंज प्रतिनिधि के मुताबिक बारिश के कारण क्षेत्र में मकान गिरने से लोगों में हड़कंप है। दरियावगंज मजरे कोटवा मदनियां गांव में रामपती का कच्चा मकान गिर गया।
हसनपुर में आशुतोष तिवारी, कैर गांव में रामकिशोर, हरि पासी, राजबहादुर पासी, मंगल पासी, ननकऊ, रामफेर, चंदिका, रामरानी, कृष्णावती के मकान ढह गए। टूक गांव में अजय कुमार पासी, माता प्रसाद के मकान ढहे गए। कठींगर गांव में रामप्रकाश, रामफेर, शिव दुलारी के मकान ढह गए। इसी तरह अन्य गांवों में भी लोगों को मकान ढहे हैं।
एसडीएम विनय कुमार सिंह का कहना है कि नुकसान का आंकलन कराया जा रहा है। पीड़ितों को मदद दिलाई जाएगी। फुरसतगंज प्रतिनिधि के मुताबिक, बहादुरपुर ब्लॉक क्षेत्र के कोटवारमऊ गांव निवासी रूपचंद्र व रामकिशन का मकान पूरी तरह से धराशाई हो गया। इसके बाद रूपचंद वा रामकिशन ने अपने परिवार के साथ गांव के प्राथमिक विद्यालय में शरण ली।
गुरुदीन का मकान भी ढह गया। प्रधान संतराम यादव का कहना है कि पीड़ित परिवारों को सरकारी मदद दिलाई जाएगी। ऊंचाहार प्रतिनिधि के मुताबिक क्षेत्र में बारिश से जलभराव के साथ ही लोगों के कच्चे मकान ढह गए। उसरैना, रोहनियां, इटौरा बुजुर्ग, उमरन, मानधातापुर में मकान गिरे हैं।
लालगंज प्रतिनिधि के अनुसार, बारिश के चलते करबती का पुरवा में भी पानी घुस गया है। इसने कई घरों को अपनी चपेट में ले लिया है। रास्ते पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। गांव के बब्लू यादव ने बताया कि ग्रामीणों का जीना दुश्वार है।
अफसरों ने लिया बाढ़ का जायजा
सलोन। क्षेत्र के तरकोलवा गांव में बाढ़ के पानी का मंजर देखने के लिए एसडीएम आशीष सिंह, तहसीलदार रामकुमार शुक्ला, कोतवाली प्रभारी राम आशीष उपाध्याय शनिवार को मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने क्षेत्रीय लेखपाल व कानूनगो को गांव की समस्याओं पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने ग्रामीणों के आवागमन के लिए एक नाव की जगह दो नाव चलाये जाने के निर्देश दिए। बताते चले कि सलोन तहसील क्षेत्र के तरकोलवा गांव में संपर्क मार्ग को सई नदी के पानी ने चारों ओर से घेर लिया है। इसके बाद ग्रामीणों का गांव से बाहर निकलना बंद हो गया था।
इस पर अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। इस गांव में करीब 45 परिवार रहकर अपना जीवनयापन करते हैं। इस गांव की आबादी लगभग पांच सौ है। क्षेत्र में लगातार तीन दिनों से हो रही भारी वर्षा के कारण सई नदी के निकटवर्ती गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
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