डलमऊ। गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से कटरी इलाके के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। करीब डेढ़ हजार बीघे धान और गन्ने की फसलें डूब गई हैं। घाटों के किनारे बने मकान भी पानी से घिर गए हैं। केंद्रीय जल आयोग ने शनिवार को गंगा का जलस्तर 98.600 मीटर दर्ज किया। यह खतरे के निशान 99.360 मीटर से महज 76 सेमी नीचे है।
बाढ़ का खतरा मंडराने से लोग सहमे हुए हैं। वे बुखार समेत अन्य संक्रामक बीमारियों की चपेट में भी आ रहे हैं। बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर दिनों-दिन बढ़ रहा है, जिससे हालात बिगड़ते जा रहे हैं। आशंका है कि पानी जल्द ही खतरे के निशान को पार कर जाएगा। कटरी इलाके के चक मलिकभीटी, जमाल नगर मोहद्दीनपुर, जहांगीराबाद, पूरे रेवती सिंह, अंबहा और बबुरा गांव के लोग बाढ़ की आशंका से डरे हुए हैं। इन गांवों के संपर्क मार्गों तक पानी भर गया है, जिससे आवागमन मुश्किल हो सकता है।
डलमऊ के सड़क और अति विशिष्ट व्यक्ति गंगा घाट पानी में डूब गए हैं। इससे इन घाटों पर आना-जाना बंद हो गया है। डलमऊ के विभिन्न घाटों के किनारे बने मकान भी पानी से घिर गए हैं। श्मशान घाट भी डूब गया है, जिससे शवों का अंतिम संस्कार टिनशेड पर कराया जा रहा है।
नाव की नहीं कराई गई व्यवस्था
ग्रामीण महादेव, रघुनाथ, जयकरन, साजन यादव, राजकुमार, जनार्दन प्रसाद ने बताया कि फसलें डूब रही हैं। इससे उनके नष्ट होने का खतरा है। खासकर धान की फसल को सबसे ज्यादा क्षति हो रही है। पशुओं के लिए हरे चारे की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। प्रशासन की तरफ से नावों की व्यवस्था नहीं कराई गई है। गांवों में जीव जंतुओं का खतरा बढ़ा रहा है। खेत का कटान हो रहा है। एसडीएम डलमऊ प्रीती सिंह ने बताया कि बाढ़ से निपटने के इंतजाम किए गए हैं। बाढ़ आने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया जाएगा। तीन बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं।
लेखपाल ने गांवों का लिया जायजा
सरेनी। क्षेत्र में भी गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। शनिवार को राजस्व लेखपाल अमर सिंह ने कुटिया एहत माली ग्राम पंचायत के सातों पुरवों का निरीक्षण किया। ग्रामीणों से बातचीत की। उन्हें बताया कि बाढ़ से निपटने के इंतजाम कर लिए गए हैं। घबराने की जरूरत नहीं है। संतोष पुजारी ने बताया कि गंगा नदी का पानी बढ़ने के कारण लोग सहमे हुए हैं।
डलमऊ तहसील क्षेत्र में गंगा में आई बाढ़ के पानी से डूबी फसल।
डलमऊ तहसील क्षेत्र में गंगा में आई बाढ़ के पानी से डूबी फसल।