अमावां। बारिश से नैय्या नाले का पानी खेतों, सड़कों पर भरने के बाद मंगलवार को घरों में घुस गया। इससे गांव में अफरातफरी मच गई। लोगों ने छतों पर शरण ली। जलभराव से घरों में रखी गृहस्थी जलमग्न हो गई है।
सूचना पर प्रशासनिक अधिकारियों ने पहुंचकर मोर्चा संभाला। नाव से बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। उनके खाने-पीने की व्यवस्था कराई। बाढ़ प्रभावित गांवों में जहरीले जंतुओं और संक्रमण बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। समस्या से परेशान ग्रामीणों ने मंगलवार को प्रदर्शन किया।
पिछले कई दिनों से बारिश के चलते नैय्या नाले का पानी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पहले सड़क, खेतों में बोई फसल जलमग्न हुई। मंगलवार को पासिन कोडरा, पठान कोडरा, चकबांदी तकिया, पिंडारी खुर्द, बघेल, तिलक नगर, मैनपुर, लोदीपुर गांव तक पानी पहुंच गया। कोडरा गांव में रामफेर पासी, छविनाथ, लवकुश, सजीवन, जागेश्वर, मातादीन, रामकुमार, सविता, बुद्धिलाल, रामकरन के घर में पानी भर गया।
नाव की व्यवस्था कर 35 परिवारों को बरात घर में ठहराया गया है। यहीं पर खाने, पीने की व्यवस्था कराई गई। सडीएम सदर गौतम सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में नजर रखी जा रही है। सभी की हर संभव मदद कराई जा रही है।
पावर कॉर्पोरेशन ने लगाई टीम
बाढ़ प्रभावित गांवों में पावर कॉर्पोरेशन ने भी टीम गठित कर दी है। गांवों में टीम बराबर नजर रख रही है। कहीं करंट उतरने या फॉल्ट के चलते बिजली गुल होने की समस्या को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। सिधौना के अवर अभियंता सुनील कुमार पटेल ने बताया कि बिजली समस्या को लेकर टीम लगाई है। कहीं कोई दिक्कत होने पर तुरंत समाधान किया जाएगा।
अमावां ब्लॉक क्षेत्र के लोधीपुर गांव में नाव से आवागमन करते ग्रामीण।
अमावां ब्लॉक क्षेत्र के लोधीपुर गांव में नाव से आवागमन करते ग्रामीण।
अमावां ब्लॉक क्षेत्र के लोधीपुर गांव में नाव से आवागमन करते ग्रामीण।
अमावां ब्लॉक क्षेत्र के लोधीपुर गांव में नाव से आवागमन करते ग्रामीण।