रायबरेली। जिले में मंगलवार को झमाझम बारिश मुसीबत बन गई। डीह में पक्की दीवार ढहने से मलबे में दबकर छह वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। शिवगढ़ में तीन मकान धराशायी हो गए। गनीमत रही कि लोगों की जान बच गई। पेड़ गिरने से नसीराबाद में आवागमन बाधित रहा। डीह के अहल गांव निवासी विवांश (6) पुत्र विमलेश कुमार शाम करीब चार बजे अपने नए मकान से पुराने मकान की ओर पैदल जा रहा था।
सड़क किनारे रामउजेर की बाथरूम की पक्की दीवार भरभराकर बालक के ऊपर ढह गई। इससे वह मलबे में दब गया। आसपास के लोगों ने मलबे से निकालकर उसे सीएचसी पहुंचाया, जहां डॉ. एसपी गौतम ने विवांश को मृत घोषित कर दिया। छात्र विवांश गांव के ही एक निजी स्कूल में केजी का छात्र था। बालक की मौत की खबर पर मां शीबू, पिता विमलेश, बाबा हरिप्रकाश के आंसू नहीं थम रहे हैं। डीह थाना प्रभारी जितेंद्र मोहन सरोज ने बताया कि हादसे की जांच कराई जा रही है।
शिवगढ़ प्रतिनिधि के मुताबिक बारिश के कारण भौसी में पक्के जर्जर मकान की छत गिरकर मलबे में तब्दील हो गई। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। पीड़ित अल्ताब ने बताया कि मकान में उनका और उनके भाई सिरताज अहमद का हिस्सा है। मकान जर्जर होने के चलते बारिश में दोनों भाई अपने परिवार के साथ बड़े भाई के हिस्से में रह रहे थे।
खजुरों में श्रीराम और गजराज के कच्चे आशियाने भरभराकर ढह गए।ग्रामीणों में बताया कि इस कच्चे मकान में पहले संयुक्त परिवार रहता था, लेकिन बंटवारे में मकान के दो हिस्से हो गए थे। एक में श्रीराम का परिवार रहता था और एक में गजराज का परिवार। हल्का लेखपाल अनिल चौधरी ने नुकसान का जायजा लिया।
नसीराबाद प्रतिनिधि के मुताबिक छतोह-गांधीनगर मार्ग पर बभनपुर गांव के पास सड़क किनारे शीशम का पेड़ गिर गया। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मार्ग बंद होने के कारण कई चार पहिया वाहन चालकों ने वैकल्पिक रास्तों का सहारा लिया। वनरक्षक दुतेंद्र सिंह ने मौके पर पहुंचकर पेड़ की डालें कटवाकर चार घंटे बाद आवागमन शुरू कराया।
शहर से लेकर गांवों तक जलभराव
झमाझम बारिश से शहर और गांवों में जलभराव हो गया है। मंगलवार को 55 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को भारी परेशानी हुई। पानी निकासी के इंतजाम नाकाफी साबित हुए। शहर के नया पुरवा, घोसियाना, सत्य नगर और महानंदपुर में जलभराव से नागरिक परेशान रहे। डीह के रायपुर महेवा गांव के पास मुख्य मार्ग पर पानी भर गया।
इससे रायपुर, दादूपुर और बराडीह जैसे तीन गांवों का रास्ता अवरुद्ध हो गया। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मेवालाल और अन्य ने बताया कि बरसात में यहां दो मीटर तक पानी भर जाता है। बछरावां के सीएचसी में भी जलभराव से रोगियों को दिक्कत हुई। मरीजों को परचा बनवाने और दवा लेने में मशक्कत करनी पड़ी। लालगंज के घोसियाना मोहल्ले में घरों के सामने सड़क पर पानी भर गया, जिससे आवागमन बाधित हुआ।
अस्पताल परिसर और ब्लॉक कार्यालय परिसर में भी जलभराव की स्थिति रही। बारिश का असर रेलवे स्टेशन परिसर में चल रहे नवीनीकरण कार्य पर भी पड़ा। निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढों में पानी भर जाने से काम प्रभावित हुआ। परशदेपुर के जिला बाजार वार्ड नंबर आठ के मोहल्लेवासियों ने जलभराव पर विरोध जताया। उन्होंने कार्यकारी अधिकारी निमिषा भारद्वाज को शिकायती पत्र देकर समाधान की मांग की।
सूख रही धान की फसल को मिली संजीवनी
मंगलवार को हुई बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए। सूख रही धान की फसल को फायदा हुुआ है। हलोर प्रतिनिधि के मुताबिक हलोर, पुरासी, अलीपुर, मझिगवां, जमुरावां, बसकटा, कुशलगंज गांवों के किसानों ने खुशी जताई। किसान सहजराम मिश्रा, ओमप्रकाश मिश्रा, गंगा सागर पांडेय ने बताया कि धान की फसल को फायदा हुआ है। शिवगढ़ प्रतिनिधि के मुताबिक कुंभी के किसान हरिहर सिंह, हरेंद्र प्रताप सिंह, राम विशाल त्रिवेदी, दुंदगढ़ गांव के किसान बाबू राजेश सिंह ने बताया कि बारिश से धान की फसल अब अच्छी होगी।
बछरावां सीएचसी परिसर में बारिश से हुआ जलभराव।
बछरावां सीएचसी परिसर में बारिश से हुआ जलभराव।
बछरावां सीएचसी परिसर में बारिश से हुआ जलभराव।
बछरावां सीएचसी परिसर में बारिश से हुआ जलभराव।
बछरावां सीएचसी परिसर में बारिश से हुआ जलभराव।
बछरावां सीएचसी परिसर में बारिश से हुआ जलभराव।
बछरावां सीएचसी परिसर में बारिश से हुआ जलभराव।
बछरावां सीएचसी परिसर में बारिश से हुआ जलभराव।