रायबरेली। बार और बेंच दो पहिए हैं। दोनों जब साथ चलेंगे, तभी त्वरित न्याय की परिकल्पना साकार रूप लेती है। नए अधिवक्ताओं को सीनियरों से सीखना चाहिए। व्यक्ति जब तक सीखता रहता है, तब तक वह सफल रहता है। सीखने के लिए कोई उम्र नहीं होती है।
यह बातें गुरुवार को सेंट्रल बार एसोसिएशन की नव निर्वाचित कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष जानकीशरण पांडेय ने कही। इसके साथ ही अध्यक्ष, महामंत्री समेत अन्य पदाधिकारियों को शपथ दिलाई गई।
कोरोना संक्रमण के चलते फरवरी माह से शपथ ग्रहण समारोह रुका हुआ था। सेंट्रल बार परिसर में जनपद न्यायाधीश अब्दुल शाहिद की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में बार अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह भदौरिया, महामंत्री शशिकांत शुक्ल को बार कौंसिल के अध्यक्ष ने शपथ दिलाई।
इसके साथ ही बार कौंसिल के सदस्य अखिलेश कुमार अवस्थी, प्रदीप कुमार सिंह व प्रशांत सिंह अटल ने अन्य पदाधिकारियों को भी शपथ दिलाई गई। इसके पूर्व अतिथियों ने सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर व दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
सेंट्रल बार एसोसिएशन के संरक्षक डीपी सिंह, पूर्व अध्यक्ष रामबरन सिंह, डीपी पाल समेत अन्य वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। बार अध्यक्ष व महामंत्री ने कहा कि अधिवक्ता हितों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
इस मौके पर न्यायिक अधिकारियों के साथ ही अधिवक्ता विकास त्रिपाठी, मधुर शर्मा, सीके त्रिवेदी, राहुल तिवारी, राघवेंद्र सिंह, सुनील सिंह, आरपी द्विवेदी, रवि त्रिवेदी, बलराम सिंह, ओम सिंह मौजूद रहे।