रायबरेली/लालगंज। जिले में बिजली आपूर्ति के हालात दिन-ब-दिन खराब होते जा रहे हैं। इससे लोग कड़ी धूप में सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हैं। शुक्रवार को ग्रामीणों को बिजली उपकेंद्र का घेराव करना पड़ा। लालगंज में तेज धूप में धरना दे रहीं दो महिलाएं बेहोश हो गईं। इससे लोगों का गुस्सा फूड़ फड़ा। नारेबाजी करते हुए जमकर हंगामा किया। पानी की छीटें मारकर किसी तरह महिलाओं को होश में लाया गया।
कहीं पर 10 दिन से बिजली आपूर्ति ठप है तो कहीं बेतहाशा अघोषित कटौती से लोगों की नींद उड़ी है। पावर कॉर्पोरेशन के अभियंताओं और कर्मचारियों की मनमानी से लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। ऊंचाहार, सलोन, डीह, डलमऊ, गदागंज व छतोह क्षेत्र में रात में हर आधा घंटे आपूर्ति के बाद दो घंटे की कटौती की जा रही है। इससे लोग सो नहीं पाते। बच्चाें और बीमार लोगों की हालत खराब है।
लालगंज क्षेत्र में शुक्रवार को खराब बिजली आपूर्ति व्यवस्था से खफा ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रालियों से विद्युत वितरण खंड कार्यालय लालगंज पहुंचे और घेराव कर जमकर नारेबाजी की। भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच प्रदर्शनकारी घंटों डटे रहे।
कुंभडौरा के ग्रामीणों का आरोप है कि 10 दिन पहले आई आंधी में गांवों के खंभे टूट गए थे। इसके बाद से अब तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। बिजली न मिलने से पेयजल संकट गहरा गया है। हंगामे के दौरान अमृत का पुरवा की रहने वाली शगुनी व सूरजीपुर की रहने वाली मइका धरना स्थल पर बेहोश हो गईं।
वहां मौजूद लोग दोनों को उठाकर छाया में ले गए, पानी की छीटें मारकर उन्हें होश में लाया। हंगामे की सूचना पर लालगंज एसडीएम राजेश कुमार श्रीवास्तव, नायब तहसीलदार ऋतुराज मौके पर पहुंचे। लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। इस मौके पर महेश प्रधान, अवधेश बहादुर सिंह, सपना पासी, विवेक सिंह, गौरव सिंह, सूरज, विशुना देवी व केकती मौजूद रहीं।