नसीराबाद थाने में पीस कमेटी की बैठक को संबोधित करते सलोन सीओ।
नसीराबाद (रायबरेली)। बकरीद पर शांति व्यवस्था को लेकर रविवार को थाना परिसर में पीस कमेटी की बैठक हुई। इसमें ग्राम प्रधानों व संभ्रांत लोगों को आमंत्रित किया गया। पुलिस की कार्यशैली से नाराज प्रधानों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। मुद्दा उठा कि पुलिस जन प्रतिनिधियों और आम लोगों को सम्मान नहीं देती है। उनकी समस्या पर कोई सुनवाई नहीं होती।
छतोह के ग्राम प्रधान संघ अध्यक्ष बृजपाल सिंह पासवान ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए बताया कि जनप्रतिनिधियों का सम्मान नहीं किया जाता है। 15 मई 2025 को नसीराबाद देहात के प्रधान प्रतिनिधि तुलसीराम पासी को फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल भेज दिया। उनसे मिलने गए ग्राम प्रधानों को लौटा दिया गया। पुलिस का आमजनता के प्रति व्यवहार ठीक नहीं है। आए दिन थाने में लोगों से अभद्रता की जाती है।
ग्राम प्रधानों ने कहा कि पुलिस ने कार्यशैली में सुधार नहीं किया तो आगे भी किसी बैठक में प्रधान शामिल नहीं होंगे। इस कारण रविवार को बैठक में गिने चुने ही लोग पहुंचे। इस पर सीओ सलोन यादवेंद्र ने नाराजगी जाहिर की।
तय स्थानों पर ही कुर्बानी करें : सीओ
सीओ यादवेंद्र ने कहा कि निर्धारित स्थान पर ही कुर्बानी करें और अवशेष का सही तरीके से निस्तारण करें। थाना प्रभारी को निर्देशित किया कि सुअर पालकों को नोटिस भेजकर सूचित करें कि वह कुर्बानी के दौरान तीन दिन तक अपने जानवर खुला न छोड़ें। सीओ ने बताया कि क्षेत्र में दस स्थानों पर कुर्बानी होगी। बैठक में प्रधान राजाराम यादव, सभासद अरविंद कुमार मौर्य, मोहम्मद हारून, अभिषेक राय, मोहम्मद सिद्दीकी, असगर अली, मौलाना नूरुल हुदा मौजूद रहे।