दुराचार के मामले में एक अभियुक्त को कोर्ट ने 10 वर्ष के कारावास व दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। साथ ही चार लोगों को विधि विरूद्घ जमाव (घेराव) करने में छह-छह माह का कारावास भुगतने का आदेश दिया है।
यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश मोहम्मद हुसेन ने मंगलवार को सुनाया। पुलिस महानिरीक्षक के आदेश पर एक गांव की पीड़िता ने थाना बछरावां में तीन दिसंबर 1998 को मुकदमा दर्ज कराया।
उसका आरोप था कि वह 25 जुलाई 1998 को दिन में 10 बजे अपने पति को खाना देकर खेत से लौट रही थी, तभी रास्ते में मदाखेड़ा थाना बछरावां के अशोक कुमार उसे गन्ने के खेत में खींच ले गया।
वहां उसने पीड़िता के साथ दुराचार किया। पीड़िता ने अपने पति को घटना की सूचना दी। पति के साथ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने छेड़छाड़ का ही मुकदमा दर्ज किया।
आईजी के आदेश पर रेप का मुकदमा दर्ज किया। 27 जुलाई 1998 को रात के 9 बजे रिपोर्ट दर्ज होने से नाराज अशोक के साथ गांव के ही दयाल उर्फ शैलेंद्र, धुन्नू उर्फ वीरभद्र, रमेश व मौरावां उन्नाव निवासी कल्लू पीड़िता के घर घेर लिया। कहा कि अगर मुकदमे में कोई कार्रवाई की तो जान से मार देंगे।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद अशोक कुमार, दयाल, धुन्नू, रमेश व कलू के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। उभय पक्ष की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने अशोक कुमार को दुराचार एवं दयाल, धुन्नू, रमेश व कल्लू को विधि विरुद्ध जमाव (घेराव) के आरोप में दोष सिद्घ कर सजा सुनाई।