ओवरब्रिज की जांच करते लोक निर्माण विभाग और सेतु निगम के अधिकारी।
रायबरेली। गल्ला मंडी स्थित ओवरब्रिज से सफर करने के लिए लोगों को अभी इंतजार करना पड़ेगा। 29 अगस्त को आईआईटी वाराणसी से आई टीम की जांच में ओवरब्रिज पूरी तरह से डैमेज मिला था। बृहस्पतिवार को फिर लोक निर्माण विभाग और सेतु निगम के विभागाध्यक्षों ने क्षतिग्रस्त ओवरब्रिज की जांच की। टीम ने अगले साल फरवरी 2026 तक ओवरब्रिज से आवागमन शुरू होने की बात कही है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को स्टीमेट बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
जहानाबाद चौकी से रतापुर चौराहा जाने वाले मार्ग पर गल्ला मंडी के पास सेतु निगम की फतेहपुर इकाई ने 2011 में ओवरब्रिज का निर्माण कराया था। रखरखाव ठीक से न होने के कारण बीते 17 अगस्त को ओवरब्रिज क्षतिग्रस्त हो गया था। सरिया बाहर आ गई, सड़क भी धंस गई थी। इसके बाद ओवरब्रिज से आवागमन रोक दिया गया। ओवरब्रिज की जांच के लिए लोक निर्माण विभाग ने आईआईटी वाराणसी को पत्राचार किया था।
29 अगस्त को एके शुक्ला की अगुवाई में आई टीम ने ओवरब्रिज की जांच की थी। जांच में इस बात की पुष्टि हुई थी कि जब तक ओवरब्रिज की मरम्मत नहीं हो जाती, तब तक इससे आवागमन शुरू कराना खतरे से खाली नहीं है। जांच में एक गर्डर और एक पिलर (खंभा) के अलावा कई जगह छत जर्जर मिली थी।
दोबारा फिर लोक निर्माण विभाग के विभागाध्यक्ष एके द्विवेदी व सेतु निगम के विभागाध्यक्ष ने टीम के साथ ओवरब्रिज की जांच की। पुल के नीचे से गर्डर और पिलर की जांच की। जांच के बाद टीम ने कहा कि ओवरब्रिज की मरम्मत का काम जल्द शुरू कराया जाएगा। फरवरी तक ओवरब्रिज से आवागमन शुरू हो सकता है।
व्यापारियों ने सुनाई खरीखोटी
ओवरब्रिज की जांच के लिए आए अधिकारियों को व्यापारियों की खरीखोटी सुननी पड़ी। व्यापारी रोहित चौरसिया, माता बदल, अशोक मोदनवाल ने कहा कि ओवरब्रिज से आवागमन बंद हुए एक महीने से ज्यादा समय बीत गया है। अब तक जांच नहीं पूरी हो पाई। गल्ला मंडी पहुंचने के लिए लोगों को चार किमी का चक्कर काटना पड़ रहा है। चार पहिया वाहनों को जहानाबाद चौकी के पास से त्रिपुला होते हुए निकाला जा रहा है। केवल दो पहिया वाहन ओवरब्रिज के पास बने रेलवे लाइन के नीचे अंडरपास से निकल रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी गल्ला मंडी जाने वाले चार पहिया वाहन चालकों को होती है। व्यापारियों व किसानों को वाहन लेकर अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है।