रायबरेली। डॉक्टरों व टीमों को स्कूलों तक पहुंचाने के लिए ठेकेदार मानक के अनुरूप वाहन उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। जांच में प्रथम दृष्टया एजेंसी दोषी मिली एजेंसी के काम को रोक दिया है। मानक के अनुरूप वाहनों की व्यवस्था कराने के बाद ही अब काम दिया जाएगा। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत सभी सीएचसी से रोज दो टीमें स्कूलों में पहुंचकर बच्चों की सेहत जांचती हैं।
आरबीएसके के लिए 36 वाहनों की टेंडर प्रक्रिया पूरी कराकर काम प्रिलायंस ग्लोबल प्रतापगढ़ को दिया गया था। सीएमओ ने बीती 13 फरवरी को अनुबंध के तहत वाहन उपलब्ध कराने के आदेश दिए थे। एजेंसी को वर्ष 2021 के बाद के मॉडल के वाहन ही उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए थे। इसके अलावा अनुबंध में अन्य निर्देश भी दिए गए थे।
एजेंसी ने अनुबंध के विपरीत और अनफिट वाहन उपलब्ध करा दिए। बीती 24 मई को वाहनों की सूची उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए, लेकिन अब तक सीएमओ को सूची नहीं दी। मामले में अमर उजाला ने खबरें प्रकाशित की थीं। खबरों को संज्ञान में लेकर सीएमओ ने के बाद अनुबंध के विपरीत वाहन उपलब्ध कराए जाने के दोषी मिलने के बाद फर्म की सेवाओं को रोक दिया गया था। एजेंसी को अपने वाहनों को वापस लेने के आदेश दिए गए हैं।
इसके अलावा एजेंसी को एक और मौका भी दिया कि अनुबंध के अनुरूप वाहन उपलब्ध कराएं, लेकिन फर्म वाहन उपलब्ध कराने में नाकाम है। सीएमओ डॉ. नवीनचंद्रा का कहना है कि एजेंसी को अनुबंध के अनुरूप वाहन उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं। प्रत्येक वाहन का सत्यापन कराने के बाद ही फर्म को काम दिया जाएगा।