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सात लाख लोगों को कोरोना का खतरा, बूस्टर लगवाने में आनाकानी

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रायबरेली। कोरोना से बचने के लिए प्रीकॉशन डोज जरूरी होने के बाद करीब सात लाख लोग बूस्टर डोज लगवाने में आनाकानी कर रहे हैं।
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आम लोगों के लिए बूस्टर डोज का 600 रुपये रेट तय होने और सुविधा निजी अस्पताल में देने के आदेश के बाद टीकाकरण पूरी तरह से ठप हो गया है। सवा माह में सात लाख में महज 34 लोगों ने ही प्रीकॉशन डोज लगवाई। एक निजी अस्पताल में इसकी व्यवस्था होने के बाद भी लोग बूस्टर डोज नहीं लगवा रहे हैं।
जिले के लोगों को कोरोना के कहर से बचाने के लिए टीकाकरण किया जा रहा है। अब तक 21 लाख से अधिक लोगों को कोरोना टीके की दोनों डोज मिल चुकी हैं।
अप्रैल माह से लोगों को बूस्टर डोज की सुविधा निजी अस्पतालों में देने के आदेश हैं। बूस्टर डोज के लिए लोगों को 600 रुपये चुकाने पड़ेंगे। सरकारी अस्पतालों में आम लोगों को बूस्टर टीके लगाने का काम बंद कर दिया गया है। निजी अस्पतालों में 600 रुपये जमा करके बूस्टर डोज लगवाई जा सकती है।
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मौजूदा समय में करीब सात लाख लोगों को बूस्टर डोज लगनी है, लेकिन पिछले सवा महीने से बूस्टर डोज लगाने का काम ठप है। सिमहैंस हॉस्पिटल में शुल्क जमा करके बूस्टर डोज लगवाने की व्यवस्था की गई है, लेकिन सवा माह में मात्र 34 लोगों ने ही बूस्टर डोज लगवाई है।
ऐसे में आम लोगों में कोरोना का खतरा बढ़ गया है। इसको लेकर विभाग भी सुस्त रवैया अपनाए है। बूस्टर डोज के लिए सिर्फ एक ही अस्पताल में अब तक व्यवस्था की जा सकी है।
हेल्थ, फ्रंटलाइन वर्करों व बुजुर्गों को 11 फीसदी फ्री बूस्टर डोज
हेल्थ, फ्रंटलाइन वर्करों व बुजुर्गों को फ्री बूस्टर डोज लगाने की सुविधा दी गई है, लेकिन जिले में 11 प्रतिशत ही काम पूरा हो सका है। 2.08 लाख वृद्धजन, फ्रंटलाइन वर्कर और हेल्थ वर्करों को बूस्टर डोज देनी है। इसमें 30,272 लोग ही सरकारी अस्पतालों में बूस्टर डोज का टीका लगवाने पहुंचे हैं। बूस्टर टीका फ्री होने के बाद भी हेल्थ, फ्रंटलाइन वर्करों व बुजुर्ग सरकारी अस्पतालों में टीका लगवाने के लिए नहीं आए रहे हैं।
शहर में चार अस्पतालों में फ्री बूस्टर टीका उपलब्ध
एनएचएम के जिला शहरी समन्वयक विनय पांडेय ने बताया कि हेल्थ, फ्रंटलाइन वर्करों व बुजुर्गों के लिए फ्री बूस्टर टीका शहर के सभी सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध है। जिला अस्पताल के अलावा शहरी पीएचसी गोराबाजार, देवानंदपुर और किलाबाजार में दिन में किसी भी समय टीका लगवाने के लिए आ सकते हैं। दूसरे टीके को नौ माह बीतने के बाद हेल्थ, फ्रंटलाइन वर्करों व बुजुग बूस्टर टीका लगवा सकते हैं।
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18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को निजी अस्पतालों में बूस्टर डोज की व्यवस्था की गई है, लेकिन लोग टीका लगवाने के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। हेल्थ, फ्रंटलाइन वर्करों व बुजुर्ग भी फ्री बूस्टर टीका नहीं लगवा रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में टीके की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ
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