रायबरेली में नवजीवन नर्सिंगहोम के संचालक का हैरतअंगेज कारनामा उजागर हुआ है। महिला की मौत के बाद भी रुपये ऐंठने के लिए उसके शव को करीब 12 घंटे तक वेंटिलेटर पर रखा गया। आशंका होने पर मंगलवार की शाम परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया।
हालत नाजुक होने पर उसे एम्स रेफर किया गया, लेकिन देर शाम निजी एंबुलेंस चालक ने महिला को नवजीवन अस्पताल पहुंचा दिया। परिजनों का आरोप सोमवार की रात में ही सीमा की मौत होने के बाद भी रुपये वसूलने के बाद वेंटिलेटर पर रख दिया।
आरोप है कि 56 हजार रुपये इलाज के नाम पर वसूले गए। मरीज से किसी को मिलने नहीं दिया। मंगलवार को अपरान्ह करीब चार बजे आशंका होने पर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया।
मामला गरमाने के बाद कोतवाली और मिलएरिया पुलिस के साथ ही एसीएमओ डॉ. अंबिका प्रकाश की टीम ने पहुंचकर जांच की। जांच में महिला मृत मिली, लेकिन उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था। आरोप है कि मौत के बाद करीब 12 घंटे तक उसे वेंटिलेटर पर रखा गया।
गुस्साए परिजनों ने संचालक शैलेश श्रीवास्तव की पिटाई कर दी। हालांकि पुलिस ने उसे बचा लिया। जांच के बाद एसीएमओ ने नर्सिंगहोम में भर्ती तीन अन्य मरीजों को दूसरे अस्पताल में भेजकर भर्ती करा दिया।
नवजीवन हॉस्पिटल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। उधर, मृत सीमा की बहन मीना ने मिलएरिया थाने में अस्पताल के संचालक के खिलाफ तहरीर देकर एफआईआर की मांग की है। मिलएरिया एसओ संजय कुमार का कहना है कि मौके पर पहुंचकर मामले को शांत कराया गया है। तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज की जा रही है।