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UP: रायबरेली के बच्चा चोर गैंग का खुलासा, ढाई से तीन लाख में करते थे सौदा; तीन राज्यों में फैला था नेटवर्क

Wed, 20 May 2026 05:49 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला नेटवर्क, रायबरेली

सार

रायबरेली पुलिस ने बच्चा चोरी और तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरोह ढाई से तीन लाख रुपये में बच्चों का सौदा करता था। पुलिस ने नौ माह का बच्चा बरामद किया है। गिरोह कई राज्यों में सक्रिय था और अब तक कई बच्चों की चोरी सामने आई है।
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पुलिस ने आरोपियों को पकड़ लिया। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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बच्चा चोर गिरोह के नौ सदस्यों को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों में बिहार, उत्तराखंड प्रांत के तीन, जबकि यूपी के लोग शामिल हैं। इसमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं। गिरोह के सदस्यों के पास से चोरी किया गया एक नौ माह का बच्चा बरामद किया गया है। पुलिस का दावा है कि ढाई से तीन लाख रुपये में गिरोह के सदस्य बच्चा बेचते थे।

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पुलिस अधीक्षक (एसपी) रवि कुमार ने किरण हाल में आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस में पकड़े गए गिरोह के बारे में मीडिया को जानकारी दी। एसपी ने बताया कि जिले में बच्चा चोर गिरोह सक्रिय होने की जानकारी मिली थी। सीओ सदर अरुण कुमार नौहवार, सदर कोतवाली प्रभारी शिवशंकर सिंह, त्रिपुला चौकी प्रभारी अंकुर दुबे ने टीम के सुबह छह बजे रेलवे स्टेशन के पास से बच्चा चोर गिरोह के नौ सदस्यों को पकड़ा। 

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इसमें बिहार प्रांत के अररिया जिले के जोगबनी थाना क्षेत्र के मीरगंज निवासी रामकुमार दास, उसकी पत्नी रेशमा देवी, उत्तराखंड प्रांत के उधम सिंह नगर जिले के जसपुर निवासी किरणजीत उर्फ सरदार आंटी, उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के टाडा थाना क्षेत्र के महमदपुर निवासी सुमित कुमार, मुरादाबाद जिले के ठाकुरद्वारा थाना क्षेत्र के सुरजन नगर निवासी संजय कुमार, सूर्यनगर निवासी ब्रम्हापाल सिंह, कटघर थाना क्षेत्र के मछरिया गांव की अर्चना, सिविल लाइन थाना क्षेत्र के रेलवे हरथला कॉलोनी निवासी बबीता, अमरोहा जिले के धकिया बुराबली हसनपुर गांव निवासी हरिश्चंद्र शामिल हैं।

एसपी ने बताया कि गिरोह के सदस्यों के पास से नौ माह का मासूम भी बरामद हुआ है। जांच में पता चला है कि मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के बदोगढ़ थाना क्षेत्र के बाबाखेड़ा की रहने वाली सुहागवती वर्तमान में अपने पति के साथ दिल्ली में रहती हैं। बीते 15 मई को पति से नाराज होकर दिल्ली से लखनऊ चारबाग रेलवे स्टेशन आई। 

टिकट लेने के बाद बीती 13 मई को त्रिवेणी एक्सप्रेस से दो साल और नौ माह के बेटे के साथ मायके सिंगरौली (मध्य प्रदेश) जा रही थी। रायबरेली रेलवे स्टेशन पर गिरोह के सदस्य सुहागवती और उनके बच्चों को एक भोजनालय ले गए।

इसी दौरान नौ माह का बच्चा चोरी करके भाग निकले थे। सुहागवती की शिकायत मामले की जांच शुरू की गई और पूर गिरोह का पर्दाफाश किया गया। आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त एक कार कब्जे में लेकर सीज की गई है। जांच में पता चला है कि गिरोह के सदस्य एक बच्चा की बिक्री पर संबंधित व्यक्ति से ढाई से तीन लाख रुपये लेते थे।

 

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दंपती बच्चे चुराने का करते थे काम, लेते थे आधा पैसा

पुलिस की जांच में पता चला है कि आरोपियों का एक संगठित गिरोह है। यह लोग अस्पतालों, गांवों और कस्बों में कार्य करने वाली आशा बहुओं तथा अन्य व्यक्तियों के माध्यम से ऐसी जानकारी प्राप्त करते थे, जिन्हें संतान की आवश्यकता होती थी। 

इसके बाद ब्रम्हपाल के क्लीनिक में कार्य करने वाले सुमित कुमार एवं किरणजीत कौर की ओर से रामकुमार दास एवं उसकी पत्नी रेशमा को नवजात बच्चे उपलब्ध के लिए कहा जाता था। 

रामकुमार, उसकी पत्नी रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर अकेली महिलाओं को चिन्हित करते थे, जिनके पास नवजात बच्चे होते थे। मौका पाकर यह लोग जान पहचान बढ़ाकर उनके बच्चों का अपहरण करा लेते थे। खास बात ये है कि चोरी किया गया बच्चा बिकने पर दंपती आधा पैसा लेते थे। शेष पैसे में अन्य लोगों को हिस्सा मिलता था।

तीन प्रांतों में सक्रिय था गिरोह

पुलिस की जांच में पता चला है कि बच्चा चोरी करने वाला यह गिरोह, बिहार, उत्तराखंड और यूपी में लगभग सात-आठ माह से सक्रिय था। गिरोह के सदस्यों की ओर से अब तक सात बच्चों के चुराने की बात सामने आई है। इसमें एक बच्चा बरामद हुआ है। शेष छह बच्चे चोरी करके कहां बेचे गए, इस बारे में पुलिस जानकारी कर रही है। एसपी ने गिरोह का पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये इनाम दिए जाने की बात कही है।
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