रायबरेली। चोर समझकर युवक की हत्या के मामले में शनिवार को हल्का दरोगा समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। ऊंचाहार कोतवाली प्रभारी संजय कुमार को हटाकर अपराध शाखा में तैनात कर दिया गया। पांच आरोपियों को जेल भेज दिया गया। घटना में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान के लिए पुलिस प्रयास कर रही है।
फतेहपुर जिले के सदर थाना क्षेत्र के पूरे तुराबअली गांव निवासी हरिओम बुधवार रात ऊंचाहार देहात के नई बस्ती अपनी ससुराल जा रहे थे। डलमऊ-ऊंचाहार मार्ग पर डाड़ेपुर मजरे ईश्वरदासपुर गांव के पास उन्हें कुछ लोगों ने रोका और चोर समझकर बेल्ट व डंडों से जमकर पीटा था। ईश्वरदासपुर स्टेशन के पास रेल लाइन किनारे खंभे से बांधकर युवक की पिटाई की थी। इससे उनकी मौत हो गई थी। मारपीट के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इसके आधार पर पुलिस ने छानबीन शुरू की थी।
पुलिस ने हरिओम के पिता गंगादीन की तहरीर पर दो नामजद व अन्य अज्ञात के खिलाफ गैर इरादतन हत्या करने का मामला दर्ज किया था। इस प्रकरण में लापरवाही पर एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने ऊंचाहार कोतवाली प्रभारी संजय कुमार को हटा दिया है। हल्का दरोगा कमल सिंह यादव, सिपाही प्रदीप व अभिषेक को निलंबित कर दिया है। सीओ डलमऊ गिरजाशंकर त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी वैभव सिंह, विपिन कुमार, विजय मौर्य, सुरेश कुमार व सहदेव को पकड़कर जेल भेजा गया है।
अन्य आरोपियों की तलाश में छापा
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि मुख्य आरोपी वैभव सिंह ने हरिओम के गले में पैर रखा था। पुलिस के अनुसार यह जानकारी चप्पल के जरिये की गई। बताते हैं कि घटना के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए वैभव ने घर में चप्पल जला दी थी। हरिओम की बेल्ट से पिटाई भी पहले वैभव सिंह ने ही शुरू की थी। वायरल वीडियो में चार अन्य लोग भी चिह्नित किए गए हैं, जिनकी तलाश में पुलिस छापा मार रही है। वीडियो में दिख रहे अधिकतर आरोपी फरार हैं। पुलिस जल्द ही उन्हें गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।
अफवाहों से बचें, घटना के दें साक्ष्य : एएसपी
अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) संजीव कुमार सिन्हा का कहना है कि ऊंचाहार की घटना में तीन पुलिसकर्मियों का निलंबन और कोतवाली प्रभारी को हटाया गया है। लोग अफवाह पर ध्यान न दें। ऊंचाहार घटना के मामले में किसी के पास कोई साक्ष्य है तो पुलिस को जरूर दें, ताकि ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।