रायबरेली। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत कराए गए कार्यों में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में डीएम ने उमरी की प्रधान ललिता को नोटिस जारी किया है। अंतिम जांच रिपोर्ट में अनियमित भुगतान और कार्यों की गुणवत्ता में कमी के आरोप सही पाए गए हैं। प्रधान को 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया गया है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के तहत 2,70,955 रुपये से रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) का निर्माण कराया गया था। स्थलीय सत्यापन में इसका प्रोफाइल टीनशेड क्षतिग्रस्त और अनुपयोगी मिला। वहीं, 1,59,900 रुपये से खरीदा गया ई-रिक्शा मौके पर मौजूद मिला, लेकिन उसका उपयोग नहीं किया जा रहा था।
केंद्रीय वित्त के टाइड फंड से निर्माण कार्य न कराकर सरकारी धनराशि का अनियमित भुगतान भी पाया गया। इसके अलावा रतिपाल मौर्या के घर के पास से गड़ही तालाब तक नाली निर्माण में भी वित्तीय नियमों के विपरीत भुगतान की पुष्टि हुई।