शहर के रेलवे स्टेशन की लाइन नंबर तीन पर खड़े नए एसी कोच का चटका शीशा।
रायबरेली। शहर के रेलवे स्टेशन पर खड़े आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना में बने नए एसी कोच की दो खिड़कियों के शीशे टूटे मिले। काफी दिनों से कोच यहीं पर खड़े हैं। बृहस्पतिवार को शीशे टूटे दिखे तो मामला चर्चा में आया। जांच में पता चला कि कोच के शीशे पहले से ही टूटे थे। मेंटीनेंस के लिए वापस फैक्टरी भेजा जाना है।
आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना लालगंज में बने नए कोचों की रेक शहर के रेलवे स्टेशन पर आती रहती है, जिन्हें कई दिनों तक यहीं रोकना पड़ता है। उच्चाधिकारियों का आदेश मिलने पर नए कोच की रेक आगे भेजी जाती है। वर्तमान में 32 नए कोच स्टेशन पर खड़े थे। इनमें 20 कोच की एक रेक हावड़ा के लिए भेजा जाना था।
इससे इन कोचों को वाशिंग लाइन रवाना किया गया, ताकि सभी कोच का परीक्षण करने के बाद हावड़ा भेजा जा सके। बाकी 12 कोचों को रेलवे स्टेशन की लाइन नंबर तीन पर खड़ा करा दिया गया। स्टेशन पर खड़े इन्हीं कोचों में एक एसी कोच के दो शीशे टूटे देखे गए। इस बात की चर्चा रही कि दोनों खिड़कियों के शीशे पत्थर फेंकने के कारण टूटे हैं। घटना स्टेशन पर ही घटी होने की बात कही जाती रही। मामला रेलवे सुरक्षा बल तक पहुंचा तो जांच शुरू की गई।
आरपीएफ प्रभारी एके सिंह ने कहा कि स्टेशन पर कोच के शीशे नहीं टूटे हैं। यह कोच मरम्मत के लिए आया था, जिसका शीशा बदला जाना है। अभी शीशा उपलब्ध नहीं है। इसलिए कोच यहीं पर खड़ा है। कोच को फैक्टरी भेजा जाएगा, ताकि मरम्मत हो सके।