ऊंचाहार (रायबरेली)। पंजाब व जम्मू कश्मीर में बाढ़ का असर एनटीपीसी परियोजना के बिजली उत्पादन पर पड़ा है। मांग कम होने के कारण बृहस्पतिवार शाम लगभग सात बजे यूनिट नंबर दो से बिजली उत्पादन रोक दिया गया। पांचवीं यूनिट सोमवार को बंद की गई है। चार दिन के भीतर परियोजना की दो यूनिटें बंद होने से 420 मेगावॉट बिजली उत्पादन कम हो गया है।
परियोजना प्रबंधन पांचवीं यूनिट को मरम्मत के लिए बंद करने का दावा कर रहा है। परियोजना में 210-210 मेगावॉट बिजली उत्पादन क्षमता की पांच व 500 मेगावॉट क्षमता की छठवीं यूनिट स्थापित हैं। परियोजना में बनने वाली 1550 मेगावॉट बिजली की आपूर्ति जम्मू कश्मीर, पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश सहित नौ राज्यों को होती है।
इस समय जम्मू कश्मीर व पंजाब भारी बारिश के चलते बाढ़ की चपेट में है। इससे बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी हो गई है। यही वजह है कि दोनों राज्यों में बिजली की मांग कम हो गई है। मांग कम होने से प्रबंधन को परियोजना की 210-210 मेगावॉट क्षमता की दो यूनिटें बंद कर बिजली उत्पादन घटाना पड़ा है। इसमें एनटीपीसी को नुकसान उठाना पड़ रहा है। परियोजना के जनसंपर्क अधिकारी ऋषभ शर्मा ने बताया कि पांचवीं यूनिट मरम्मत व दूसरी यूनिट मांग कम होने के चलते बंद की गई है। मांग बढ़ते ही यूनिट चालू की जाएगी।