रायबरेली में शुक्रवार को सदर तहसील में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते लेखपाल।
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रायबरेली। शासन प्रशासन के तमाम प्रयासों और कार्रवाई के बाद भी लेखपालों के आंदोलन पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। हालांकि प्रशासन शुक्रवार को दो लेखपालों के काम पर लौटने का दावा कर रहा है। 50 साल से अधिक उम्र के चिह्नित 77 लेखपालों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने के लिए शनिवार को समिति की बैठक होगी। इस बैठक में लेखपालों पर कार्रवाई के संबंध में फैसला लिया जाएगा।
अब तक लेखपालों की हड़ताल रोकने के लिए जिला प्रशासन ने पांच लेखपालों को सेवा से बर्खास्त करने के साथ ही 35 लेखपालों को निलंबित कर दिया है। 50 साल से अधिक उम्र के लेखपालों को शुक्रवार को काम पर लौटने के आदेश दिए थे, लेकिन उनमें से मात्र दो लेखपाल ही काम पर लौटे। शेष चिह्नित लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शनिवार को बैठक होगी। एडीएम (प्रशासन) राम अभिलाष ने बताया कि दो लेखपाल काम पर लौटे हैं। अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने के लिए शनिवार को समिति की बैठक होगी। जरूरत पड़ी तो नए लेखपालों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।
15वें दिन भी हड़ताल जारी, लेखपालों ने भरी हुंकार
रायबरेली। आठ सूत्री मांगों को लेकर शुक्रवार को पंद्रहवें दिन भी लेखपालों की हड़ताल जारी रही। शहर की पुरानी तहसील स्थित लेखपाल संघ भवन में लेखपालों ने धरना दिया। जिलाध्यक्ष राजपाल यादव व जिलामंत्री महेश प्रसाद सोनकर ने कहा कि मांगे पूरी न होने तक आंदोलन को जारी रखा जाएगा। सरकार व प्रशासन की कार्रवाई से लेखपाल दबाव में नहीं आएंगे। बर्खास्तगी के अलावा जिला प्रशासन लेखपालों के खिलाफ कुछ नहीं कर सकता है। लेखपालों के हक को सरकार किसी भी स्तर पर कुचल नहीं सकती है। शुक्रवार को भी ऊंचाहार, महराजगंज, डलमऊ, सलोन सहित अन्य तहसीलों में भी लेखपालों की हड़ताल रही। इससे कामकाज प्रभावित रहा।