रायबरेली। करीब 20 साल पहले कोचिंग संचालक की हत्या के मामले में कोर्ट ने दो दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायालय स्थित एफटीसी संख्या तीन के अपर सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार वर्मा ने सुनाया है।
रायबरेली शहर के इंदिरा नगर निवासी श्यामसुंदर ने एफआईआर दर्ज कराई थी कि 30 मार्च 2005 की रात करीब सवा नौ बजे उनका बेटा सचिन टांक आनंद नगर स्थित कोचिंग बंद कर अपने घर के लिए निकला था। कैनाल रोड के पास अमित चौधरी व नवीन श्रीवास्तव ने सचिन को गोली मार दी थी। इलाज के दौरान बेटे की मौत हो गई थी।
पुलिस ने विवेचना बाद नगर कोतवाली क्षेत्र के पुलिस लाइन चौराहा निवासी अमित चौधरी, सत्यनगर निवासी नवीन श्रीवास्तव व इंदिरा नगर निवासी दिलीप नरूल्ला के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। ट्रायल के दौरान दिलीप नरूल्ला की मृत्यु हो गई। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद दोनों आरोपियों को दोषी पाए जाने पर उम्रकैद व अर्थदंड की सजा सुनाई।