रायबरेली। कस्बे के इंडस्ट्रियल एरिया में दो ट्यूब फैक्ट्रियों पर मंगलवार रात एमआरएफ कंपनी की कॉपी राइट विंग के अधिकारियों ने छापा मारा। इस दौरान टीम ने नकली ट्यूब पैकिंग, पाउच, हीटिंग डाई मशीन, रबड़ बफिंग मशीन आदि सामान समेत 2480 नकली ट्यूब बरामद किए गए। इस दौरान कंपनी के अधिकारियों व फैक्ट्री वर्करों के बीच कहासुनी हुई। कर्मचारी छापेमारी का विरोध कर रहे थे। कंपनी के अधिकारियों ने कॉपीराइट एक्ट के तहत दो फैक्ट्री मालिकों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कराया है। पुलिस मामले में कार्रवाई करने की बात कह रही है।
बछरावां थाना क्षेत्र के इंडस्ट्रियल एरिया में दो ट्यूब फैक्ट्रियां हैं। इसमें मोटरसाइकिल व बड़े वाहनों के ट्यूब बनाए जाते हैं। देश की जानी मानी ट्यूब और टायर निर्माता कंपनी एमआरएफ की कॉपी राइट विंग मैनेजर राजेंद्र सिंह निवासी तुगलकाबाद दिल्ली की अगुवाई में छह सदस्य टीम ने मंगलवार रात में इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित दोनों ट्यूब फैक्ट्री पर अचानक छापा मारा। वहां पर काम कर रहे छापेमारी का विरोध किया। इससे अधिकारियों के साथ उनकी कहासुनी हुई।
दोनों फैक्ट्रियों से 2480 नकली ट्यूब, 500 पैकिंग पाउच, एक रबर बफिंग मशीन, एक हीटिंग डाई मशीन एवं एक डाई जिस पर एमआरएस लिखा हुआ है, सामान बरामद किया। एमआरएफ लिमिटेड सीपी चार शेखपुरा योजना कुर्सी रोड विकास नगर लखनऊ में ऑफिस मैनेजर के पद पर कार्यरत पीटी सतीश की तहरीर पर फैक्ट्री मालिक बबलू और मो. आदिल निवासी बगाही रोड इंडस्ट्रियल एरिया बछरावां के विरुद्ध आईपीसी की धारा 420 कॉपीराइट अधिनियम 51, 63, 64 के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया है।
उधर, इंडस्ट्रियल एरिया में ट्यूब फैक्ट्री संचालक बबलू उर्फ वासे का आरोप है कि उन्हें जबरन फंसाया जा रहा है। वह लोग किसी भी प्रकार के नकली ट्यूब का निर्माण नहीं करते हैं। उनके यहां से जो भी माल बरामद किया गया है। वह उन्होंने पंचर की दुकानों से पंचर व कटा फटा माल खरीदा है, जिसे वह रीसाइकिल करते हैं। थानेदार रवेंद्र सिंह ने बताया कि एमआरएफ कंपनी के मैनेजर की तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। बरामद माल को मुहर व सील करा दिया गया है। बरामद ट्यूब, डाई व मशीनों की जांच होगी।
बछरावां कस्बे में चल रही ट्यूब फैक्ट्रियों में नकली ट्यूब बनाने का खेल आखिरकार उजागर हो गया। सीओ विनीत सिंह ने अभी हाल में छापा मारकर नकली ट्यूब बनाए जाने की आशंका जताई थी। थानेदार रवेंद्र सिंह को छापेमारी के दौरान बरामद ट्यूब की जांच कराकर उचित कार्रवाई कराने की बात कही थी।
बावजूद इसके थानेदार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। कहा जा रहा है कि पुलिस की मिलीभगत के चलते ही नकली ट्यूब बनाने का गोरखधंधा अरसे से फलफूल रहा था। स्थानीय कुछ लोगों की भी इसमें भूमिका संदिग्ध रही है। कहा जा रहा है कि इसकी शिकायत कंपनी के अधिकारियों तक चली गई थी। उन्होंने एसपी से प्रकरण पर बात करके कार्रवाई करने की बात कही थी। इसके बाद छापा मारा गया तो नकली ट्यूब बनाने का खेल उजागर हो गया।
सीओ, महराजगंज विनीत सिंह ने बताया कि एमआरएफ कंपनी के अधिकारियों ने ट्यूब फैक्ट्रियों में छापा मारा गया था। नकली ट्यूब बनाने की बात उजागर हुई है। तहरीर पर थाने में केस दर्ज करा दिया गया है। मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह सीधे तौर पर लोगों के साथ धोखा है। नकली ट्यूब बनाने में किन-किन पुलिस कर्मियों और किन-किन लोगों की भूमिका रही है, इसकी भी जांच कराई जाएगी। जिनके भी नाम सामने आएंगे, उन पर भी कार्रवाई होगी।