स्टेमी केयर में लगे मल्टी पैरा मॉनीटर को चेक करते ह्दय रोग विशेषज्ञ डॉ. सलीम।
रायबरेली। ठंड में हॉर्ट के मरीजों की संख्या बढ़ते ही जिला अस्पताल के एसटी-सेगमेंट एलिवेशन मायोकार्डियल इंफ्रक्शन (स्टेमी) केयर में सुविधाएं बढ़ गई हैं। इमरजेंसी वार्ड में संचालित सेंटर में दो बेड आरक्षित करने के साथ ही मल्टी पैरा मॉनीटर लगाया गया है। गंभीर मरीज के आते ही एसजीपीजीआई के चिकित्सकों की सलाह पर हॉर्ट के गंभीर मरीजों की जान बचाई जाएगी।
दिल के रोगियों के त्वरित इलाज के लिए सरकार ने हृदयाघात देखभाल परियोजना संचालित की है। इस योजना से जिला अस्पताल के साथ ही बछरावां, ऊंचाहार, सलोन, लालगंज सीएचसी स्टेमी केयर सेंटर संचालित किए गए हैं। जिला अस्पताल में अब तक एक बेड आरक्षित था, लेकिन ठंड के साथ ही हॉर्ट रोगियों की संख्या भी बढ़ रही है। मरीजों की बढ़ी संख्या को देखते हुए एक और बेड आरक्षित किया गया है। मरीजों की जांच के लिए मल्टी पैरा मॉनीटर लगाया गया है।
ऑक्सीजन सिलिंडर, केस सीट व इंजेक्शन भी वार्ड में रखवाया गया है। ईसीजी व अन्य जांच रिपोर्ट के आधार पर एसजीपीजीआई लखनऊ के चिकित्सकों की सलाह पर मरीजों को इंजेक्शन लगाया जाएगा। सीएमएस डॉ. पुष्पेंद्र कुमार का कहना है कि हार्ट के गंभीर रोगियों के लिए स्टेमी केयर में दो बेड आरक्षित कराए गए हैं। अन्य सुविधाएं भी बढ़ाई गई हैं, जिससे मरीजों बेहतर इलाज की सुविधा दी जा सके।
समय से जांच व इलाज से बच सकती जान : डॉ. सलीम
जिला अस्पताल के हॉर्ट रोग विशेषज्ञ डॉ. सलीम का कहना है कि व्यक्ति को सीने में अचानक से तेज दर्द होने पर यदि वह गोल्डन ऑवर में चिकित्सालय पहुंच जाता है तो उसे थ्रंबोलिसिस प्रक्रिया के तहत एक विशेष प्रकार के इंजेक्शन लगाकर उसकी जान बचाई जा सकती है। बाजार में यह इंजेक्शन काफी महंगा होने के कारण आम लोग लगवा नहीं पाते हैं।