रायबरेली। पावर कॉर्पोरेशन की लापरवाही से लक्ष्मनगंज मजरे जोहवानटकी गांव के ग्रामीण पांच दिन से अंधेरे में हैं। बिजली संकट से परेशान ग्रामीण बृहस्पतिवार को दो हजार रुपये चंदा जुटाकर वर्कशॉप से ट्रांसफार्मर लाए। घटिया गुणवत्ता के कारण शुक्रवार को लगाया गया ट्रांसफार्मर कुछ देर बाद ही धू-धूकर जल गया। इससे पूरे इलाके में बिजली फिर गुल हो गई।
नियमानुसार ट्रांसफार्मर खराब होने पर वर्कशॉप के अभियंताओं की जिम्मेदारी होती है कि 72 घंटे में अपने वाहन से ट्रांसफार्मर गांव पहुंचाएं और खराब ट्रांसफार्मर को मरम्मत के लिए वर्कशॉप ले जाएं। लेकिन लक्ष्मनगंज मजरे जोहवानटकी गांव में ऐसा नहीं हुआ। बिजली कर्मियों की इस लापरवाही के चलते ग्रामीणों को कई दिनों तक बिजली संकट से जूझना पड़ा। विद्युत उपकेंद्र कठगर से जुड़े गांव लक्ष्मनगंज का ट्रांसफार्मर पांच दिन पहले खराब हुआ था।
भाकियू नेता मनोज कुमार यादव, संदीप यादव, धर्मेंद्र कुमार, लालबहादुर, ओम प्रकाश ने बताया कि शिकायत के बाद जब ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया, तो गांव वालों के सहयोग से दो हजार रुपये चंदा जुटाया गया। इसके बाद खराब ट्रांसफार्मर लेकर वर्कशॉप पहुंचाया गया, जहां देर शाम ग्रामीणों को नया ट्रांसफार्मर दिया गया। सुबह बिजली आपूर्ति शुरू करते ही ट्रांसफार्मर धू-धूकर जलने लगा। ट्रांसफार्मर से निकली केबल व खंभे में लगा बाॅक्स भी जल गया। इससे बिजली आपूर्ति फिर ठप हो गई। कठगर उपकेंद्र के अवर अभियंता मुकेश भारती ने बताया कि शनिवार को दूसरा ट्रांसफार्मर लगवाया जाएगा।