जिला विकास अधिकारी द्वारा किए गए आठ लेखाकारों के तबादले के आदेश को शासन ने निरस्त कर दिया है। सभी को पूर्व के स्थानों में तैनाती देने के आदेश दिए गए हैं।
आंतरिक लेखा एवं लेखा परीक्षा निदेशक ने स्पष्ट किया है, कि यह अधिकार निदेशालय को है। यानी डीडीओ को लेखाकारों का सीधे तबादला करने का अधिकार नहीं है।
तबादला आदेश निरस्त होने के बाद विकास भवन में हड़कंप मच गया है। डीडीओ ने सभी बीडीओ को संबंधित लेखाकारों को उनके पूर्व के ब्लॉकों में भेजने के लिए पत्र जारी कर दिया है।
डीडीओ आरएन सिंह ने बीती 26 जून को विकास कार्यालय व ब्लॉकों के तैनात आठ लेखाकारों को इधर से उधर किया था। जिला विकास कार्यालय में तैनात रमेश सिंह को अमावां और वंश गोपाल चौधरी को सतांव ब्लॉक भेजा था।
इसके अलावा रामनेवाज पांडेय को छतोह से अमावां, सुरेेश धीमान को डीह से सलोन, रियाजुल हसनैन को सलोन से डीह, गुरु प्रसाद वर्मा को सतांव से जगतपुर, रबीश को सलोन से रोहनियां और जगदीश प्रसाद को डलमऊ से लालगंज ब्लॉक भेजा गया था।
लेखाकारों ने मामलों को आंतरिक लेखा एवं लेखा परीक्षा निदेशालय में उठाया। निदेशक यमुना प्रसाद सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डीडीओ के तबादला आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त करते हुए लेखाकारों को पूर्व के स्थानों तक तैनात करने के आदेश दिए हैं।
डीडीओ आरएन सिंह ने बताया कि निदेशक का पत्र आने के बाद बीडीओ को पत्र जारी करके लेखाकारों को उनके पहले वाले स्थानों पर भेजने के आदेश दिए दे दिए गए हैं।