शहर के रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते यात्री।
रायबरेली। लखनऊ-रायबरेली रेलमार्ग पर दो जगह अंडरपास के लिए कराए गए काम की वजह से प्रभावित हुई ट्रेनें पटरी पर लौट आई हैं, जिससे यात्रियों को राहत मिली है। रविवार को कई ट्रेनों की लेटलतीफी से यात्रियों को काफी इंतजार भी करना पड़ा। स्पेशल ट्रेनें भी कई घंटे देर से आईं।
यातायात निरीक्षक राजेश कुमार का कहना है कि ज्यादातर ट्रेनें समय से हैं। लंबी दूरी की ट्रेनें पहले से लेट होने के कारण देर से आई हैं। शनिवार को रायबरेली-गंगागंज और मोहनलालगंज-कनकहा स्टेशनों के बीच दो जगह अंडरपास बनाने के लिए ट्रैक के नीचे बॉक्स रखने का काम कराया गया, जिसके लिए रेलवे ट्रैक हटाना पड़ा।
इससे छह ट्रेनें दूसरे रास्ते से चलाए जाने के कारण रायबरेली के लिए निरस्त थीं। कई ट्रेनों की लेटलतीफी चार से छह घंटे तक हो गई थी। रविवार को ट्रेनों का संचालन पटरी पर लौट आया और निरस्त ट्रेनों के साथ प्रभावित ट्रेनें भी पहले की तरह चलने लगी हैं। रविवार को दिल्ली-वाराणसी स्पेशल साढ़े पांच घंटे और फिरोजपुर कैंट-पटना स्पेशल सवा चार घंटे विलंब से आई।
लखनऊ-प्रयागराज पैसेंजर ने तीन घंटे और लखनऊ-वाराणसी इंटरसिटी एक्सप्रेस ने दो घंटे इंतजार कराया। सहारनपुर-प्रयागराज नौचंदी एक्सप्रेस पौने दो घंटे विलंब से पहुंची। प्रयागराज-बरेली एक्सप्रेस, हावड़ा-अमृतसर पंजाब मेल व बनारस-देहरादून जनता मेल एक घंटे और अमृतसर-हावड़ा पंजाब मेल पौन घंटे देर से आई।
शनिवार की रात नई दिल्ली-बनारस काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस चार घंटे, प्रयागराज-लखनऊ पैसेंजर दो घंटे, कानपुर-प्रतापगढ़ इंटरसिटी एक्सप्रेस पौने दो घंटे, वाराणसी-लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस व बरेली-प्रयागराज एक्सप्रेस डेढ़ घंटे, लालकुंआ-हावड़ा एक्सप्रेस, प्रयागराज-सहारनपुर नौचंदी एक्सप्रेस, प्रतापगढ़-दिल्ली पद्मावत एक्सप्रेस व कानपुर-रायबरेली पैसेंजर एक घंटे देर से आई।