रायबरेली। होली के लिए दूसरे राज्यों और बड़े शहरों के घर आए लोग काम पर लौट रहे हैं। इसीलिए रेलवे स्टेशनों पर तीन दिन से भीड़ जुट रही है। छुट्टियां खत्म हो गई हैं, इसीलिए रविवार को भीड़ बहुत अधिक नजर आई। शहर के रेलवे स्टेशन के साथ ही बछरावां, डलमऊ, लालगंज, ऊंचाहार समेत अन्य स्टेशनों पर भी भीड़ रही।
जैसे ही ट्रेनें पहुंची, उनमें बोगियां फुल देख यात्रियों को सीट की चिंता सताने लगी। सीट के लिए यात्रियों को धक्कामुक्की करनी पड़ी। सबसे ज्यादा यात्री पंजाब की ओर जाने वाले रहे, लेकिन पंजाब मेल पांच घंटे लेट होने से यात्रियों को परेशानी हुई। रायबरेली स्टेशन के सभी प्लेटफार्मों पर यात्रियों की भीड़ सुबह से देर शाम तक नजर आई। यही हाल अन्य स्टेशनों का रहा।
जिले से होकर गुजरने वाली सभी ट्रेनों में बोगियां पहले से फुल रहीं। इससे यात्रियों को खड़े होकर सफर करना पड़ा। ट्रेनों के स्टेशन पर रुकते ही उनमें चढ़ने के लिए धक्कामुक्की हुई। यात्रियों के बीच कई बार तो कहासुनी और नोकझोंक की नौबत आई। एक तरफ भीड़ के कारण सीट न मिल पाने की समस्या से यात्री परेशान हुए, वहीं ट्रेनों की लेटलतीफी ने परेशानी और बढ़ा दी गई।
ट्रेनों के इंतजार में इधर-उधर टहलने के कारण थक चुके यात्रियों को बोगियों में प्रवेश के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। हावड़ा से अमृतसर जाने वाली पंजाब मेल करीब पांच घंटे विलंब से आई। इस ट्रेन से जाने वाले यात्रियों की संख्या बहुत अधिक रही, लेकिन लेटलतीफी के कारण शाम तक इंतजार करना पड़ा। लखनऊ-प्रयागराज पैसेंजर पौने पांच घंटे देर से पहुंची। प्रयागराज-कानपुर पैसेंजर और मालदा टाउन-नई दिल्ली एक्सप्रेस ने पौने दो घंटे इंतजार कराया।
आनंद विहार-पुरी नीलांचल एक्सप्रेस व टनकपुर-शक्ति नगर त्रिवेणी एक्सप्रेस डेढ़ घंटे, बनारस-नई दिल्ली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस सवा घंटे, सिंगरौली-टनकपुर त्रिवेणी एक्सप्रेस व प्रयागराज-कानपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस एक घंटे, दिल्ली-प्रतापगढ़ पद्मावत एक्सप्रेस पौन घंटे, लखनऊ-प्रयागराज इंटरसिटी एक्सप्रेस आधे घंटे देर से पहुंची।
यातायात निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि यात्रियों की बहुत अधिक भीड़ होने के कारण सभी स्टाफ सतर्क रहा। ट्रेनों के सुरक्षित संचालन के लिए पूरे प्रयास किए गए। यात्री छूटने न पाएं, इसका भी ध्यान रखा गया। पिछले स्टेशनों से ट्रेनें लेट हुई हैं।