ायबरेली। अमेठी और रायबरेली जिले को जोड़ने वाली जायस-रूपामऊ रेल लाइन पर कराए गए दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण कार्य को हरी झंडी देने से पहले मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त एसके पाठक ने शुक्रवार को निरीक्षण किया।
पहले तो दोहरीकरण के तहत नए बिछाए गए ट्रैक का मोटर ट्रॉली से मुआयना किया। जायस, फुरसतगंज, रूपामऊ स्टेशनों पर कराए गए कार्यों को देखा। फिर स्पेशल ट्रेन को 140 किमी. प्रति घंटे की स्पीड से दौड़ाकर स्पीड ट्रायल लिया।
सुबह 10 बजे से शुरू हुआ निरीक्षण देर शाम 6.30 बजे तक चला। इस दौरान जो भी कमियां मिलीं, उन्हें दुरुस्त कराया। सीआरएस ने ट्रेनों के संचालन को सुगम बनाने और यात्री सुविधाओं के संबंध में कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।
यह माना जा रहा है कि एक-दो दिन में ट्रैक पर ट्रेनें फर्राटा भरने लगेंगी। जायस से रूपामऊ स्टेशनों के बीच 19.72 किमी. रेल पथ का दोहरीकरण और विद्युतीकरण कराया गया है, जिसका निरीक्षण सीआरएस ने किया।
इस दौरान सीआरएस ने संरक्षा के मानकों, संसाधनों, उपकरणों, रेल पथ सहित अन्य सभी जरूरी प्रक्रियाओं का जायजा लिया। रास्ते में पड़ने वाले जायस, फुरसतगंज, रूपामऊ स्टेशनों पर कराए गए कार्य भी देखे।
सीआरएस ने कहा कि इस सेक्शन के दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण होने से यात्रियों की यात्रा और रेल परिचालन पहले से ज्यादा सुगम तथा सुविधाजनक हो जाएगा।
काम बहुत अच्छा हुआ है : सीआरएस
जायस/फुरसतगंज। जायस-रूपामऊ रेल खंड में कराए गए कार्य को सीआरएस ने काफी अच्छा कहा। जायस रेलवे स्टेशन पर मीडिया से बातचीत में सीआरएस ने कहा कि जो डाक्युमेंट उपलब्ध कराए गए हैं और मंडल के अधिकारियों ने जो लिखकर दिया है, इससे पता चला है कि काम काफी अच्छा हुआ है। बाकी निरीक्षण करके देख लेंगे।
जायस पहुंचे सीआरएस का रेलवे के मंडलीय अधिकारियों और आरवीएनएल के अफसरों ने पौधे व पुष्प गुच्छ भेंटकर स्वागत किया। हवन-पूजन के बाद सीआरएस ने निरीक्षण किया। जायस स्टेशन के निरीक्षण के बाद मोटर ट्रॉली से ट्रैक का निरीक्षण करते हुए रूपामऊ की तरफ बढ़े। रास्ते में मौजमगंज नइया नाला पुल को भी देखा।
फुरसतगंज में रेलवे स्टेशन के नवीनीकरण एवं पुल को देखा। स्टेशन मास्टर अमन कुमार से तकनीकी के बारे में पूछताछ की। रूपामऊ स्टेशन पर भी निरीक्षण किया। इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक वीके पांडेय, आरवीएनएल के अधिशासी निदेशक अनुराग गुप्ता, सीपीएम जयंत चौधरी, परियोजना निदेशक विनय कुमार सिंह, केइसी के क्षेत्रीय प्रबंधक नबजीत बरुआ, परियोजना प्रबंधक जुबैर अहमद, विजय कुमार मिश्रा, देशराज आदि उपस्थित रहे।
रायबरेली-अमेठी के बीच 109 किमी. का काम पूरा
मंडल में रेल पथ के दोहरीकरण-विद्युतीकरण सबंधी कार्यों के अंतर्गत उतरेटिया से रायबरेली के मध्य 2011-12 में और रायबरेली से अमेठी के मध्य 2013-14 में दोहरीकरण कराने की स्वीकृति प्रदान की गई थी।
उतरेटिया-रायबरेली-अमेठी सेक्शन पर कुल 125.7 किमी. का दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण होना था, जिसमें 108.96 किमी. का काम पूरा करा लिया गया है। उत्तर रेलवे लखनऊ के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अजीत कुमार सिन्हा की ओर से जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि उतरेटिया-गंगागंज के मध्य 57.82 किमी., जायस-अमेठी के मध्य 31.42 किमी. का काम पहले ही पूरा करा लिया गया था।
अब जायस-रूपामऊ रेल खंड पर 19.72 किमी. रेल पथ का दोहरीकरण-विद्युतीकरण पूरा हो गया है। गंगागंज से रूपामऊ के बीच कार्य प्रगति पर है। दूसरी तरफ अमेठी से जंघई के बीच भी काम चल रहा है।