रायबरेली। प्रयागराज संगम और प्रतापगढ़ से कानपुर को जाने वाली और वहां से लौटने वाली दो जोड़ी ट्रेनों को अग्रिम आदेशों तक के लिए निरस्त कर दिया गया है। इससे मंगलवार को दोनों जोड़ी गाडिय़ां नहीं चलीं। इस जिले से होकर गुजरने वाली सिर्फ यही दोनों जोड़ी ट्रेनें अनारक्षित थीं।
कानपुर से प्रतापगढ़ के लिए गाड़ी संख्या-04124 इंटरसिटी एक्सप्रेस को एक फरवरी से और प्रतापगढ़ से कानपुर जाने वाली गाड़ी संख्या-04123 इंटरसिटी एक्सप्रेस को 2 फरवरी से अगले आदेशों तक के लिए चलाया गया था।
शुरुआत में यह गाड़ी पूरी तरह आरक्षित रही, लेकिन बाद में इसे अनारक्षित कर दिया गया था। इसी तरह प्रयागराज संगम से कानपुर जाने वाली गाड़ी संख्या-04101 और कानपुर से प्रयागराज संगम लौटने वाली गाड़ी संख्या-04102 को 26 फरवरी से 30 अप्रैल तक के लिए चलाया गया था। यह गाड़ी शुरू से ही अनारक्षित चलाई जा रही थी। इन गाड़ियों को अब अगले आदेश तक के लिए निरस्त कर दिया गया है।
उत्तर रेलवे की ओर से निरस्त की जाने वाली 18 जोड़ी अनारक्षित ट्रेनों की सूची में इन दोनों गाड़ियों के नाम भी शामिल हैं, जिन्हें बुधवार से निरस्त कर दिया गया।
बता दें कि कानपुर-प्रतापगढ़ के बीच दौड़ने वाली गाड़ी रायबरेली-बछरावां स्टेशन होते हुए चली रही थी, जबकि प्रयागराज संगम और कानपुर के बीच फर्राटा भरने वाली गाड़ी का संचालन ऊंचाहार-डलमऊ-लालगंज स्टेशन से होकर किया जाता था।
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि यात्रियों की संख्या बेहद कम होने के कारण अनारक्षित ट्रेनों का संचालन निरस्त करने का फैसला लिया गया है। अगले आदेशों तक ये गाड़ियां नहीं चलेंगी।
अभी तक चल रही थीं 23 जोड़ी ट्रेनें
जिले से होकर चलने वाली ट्रेनों की संख्या अभी तक 23 जोड़ी थीं, जिनमें अब दोनों जोड़ी अनारक्षित गाड़ियों को निरस्त कर दिया गया है। इससे अब जिले से होकर 21 जोड़ी गाड़ियां चलेंगी, जिनमें ज्यादातर ट्रेनें साप्ताहिक, हफ्ते में दो या तीन दिन चलती हैं। जिन दोनों जोड़ी ट्रेनों को निरस्त किया गया है, उनमें यात्रियों की संख्या बहुत कम थी। रायबरेली जंक्शन से रोजाना महज 8-10 टिकट ही बिकते थे। यही हाल अन्य स्टेशनों का रहा, जहां से टिकटों की बिक्री बहुत कम थी।