रायबरेली। करीब एक साल बाद रायबरेली स्टेशन से होकर पहली अनारक्षित ट्रेन के रूप में इंटरसिटी चलाई जाएगी। हालांकि कानपुर-प्रतापगढ़ रूट पर चलने वाली यह गाड़ी फरवरी से संचालित है, लेकिन फिलहाल सभी सीटें आरक्षित हैं। अप्रैल से इस गाड़ी की सभी सीटें अनारक्षित हो जाएंगी। इससे दैनिक यात्रियों को आसानी होगी।
लॉकडाउन में ट्रेनों का संचालन भी बंद हो गया। अनलॉक के दौरान कुछ ट्रेनों को विशेष गाड़ियों के रूप में चलाया गया। वर्तमान में 18 जोड़ी अनारक्षित ट्रेनें चल रही हैं। इसलिए अनारक्षित टिकटों के काउंटर अब तक नहीं खुल सके हैं।
अब अप्रैल से कानपुर से प्रतापगढ़ के बीच चलने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस को अनारक्षित कर दिया जाएगा। प्रतापगढ़ से कानपुर जाने वाली गाड़ी संख्या-04123 इंटरसिटी एक्सप्रेस 2 फरवरी से चलाई गई थी।
जिसे 3 अप्रैल से अनारक्षित कर दिया जाएगा। दूसरी तरफ कानपुर से प्रतापगढ़ जाने वाली गाड़ी संख्या-04124 इंटरसिटी एक्सप्रेस 1 फरवरी से चलाई जा रही है, जो 2 अप्रैल से अनारक्षित हो जाएगी।
प्रतापगढ़ से कानपुर जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस से रायबरेली पहुंचने का समय सुबह 6.12 बजे है, जबकि कानपुर से प्रतापगढ़ जाने वाली गाड़ी रात 8.46 बजे पहुंचती है। ऐसे में आसपास के शहरों को जाने वाले यात्रियों और नौकरीपेशा लोगों को काफी आसानी होगी।
वहीं, अनारक्षित टिकट के काउंटर भी खुल सकेंगे। स्टेशन अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि कानपुर से प्रतापगढ़ के बीच चल रही इंटरसिटी एक्सप्रेस को अप्रैल महीने से अनारक्षित कर दिया जाएगा। टिकट काउंटर भी खोला जाएगा, ताकि इस ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों को टिकट मिल सकें। अनारक्षित ट्रेन चलने से यात्रियों को काफी सहूलियत मिल सकेगी।
डलमऊ-लालगंज होकर चल रही अनारक्षित ट्रेन
रायबरेली। इसी जिले से होकर गुजरी ऊंचाहार-उन्नाव रेल लाइन पर एक अनारक्षित गाड़ी 26 फरवरी से चलाई जा रही है। प्रयागराज से कानपुर के बीच दौड़ने वाली गाड़ी संख्या-04101 एवं 04102 को अनारक्षित ट्रेन के रूप में 26 फरवरी से 30 अप्रैल तक चलाने का फैसला लिया गया है।
यह गाड़ी रायबरेली स्टेशन तो नहीं आती, लेकिन इसी जिले के ऊंचाहार, डलमऊ, लालगंज समेत अन्य स्टेशनों से होकर गुजरती है। साथ ही इसी रूट पर आरक्षित ट्रेन के रूप में ऊंचाहार एक्सप्रेस का संचालन भी हो रहा है।