रायबरेली। पुलिस महकमे में एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने मंगलवार देर रात बड़ा फेरबदल करते हुए 61 पुलिसकर्मियों के कार्यक्षेत्र में परिवर्तन कर दिया। यातायात प्रभारी को हटा दिया गया। वहीं, यातायात शाखा में चार व अन्य जगहों पर तैनात पांच पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया। माना जा रहा है कि ओवरलोड वाहनों से वसूली के प्रकरण को लेकर यह कार्रवाई की गई है। एसपी का कहना है कि कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पुलिसकर्मियों के कार्यक्षेत्र बदले गए हैं।
एसपी की ओर से जारी सूची के मुताबिक यातायात प्रभारी इंद्रपाल सिंह को हटाकर अपराध शाखा भेजा गया है। यातायात शाखा में तैनात दरोगा अभिमन्यु सिंह, रमेश सिंह के अलावा मुख्य आरक्षी सतीश कुमार वर्मा, आरक्षी श्रीप्रकाश के अलावा एसओजी में तैनात मुख्य आरक्षी अरुण कुमार, नसीराबाद थाने में तैनात आरक्षी अंकित सविता, महराजगंज में तैनात मुख्य आरक्षी कोमल सिंह, गुरुबख्शगंज में तैनात मो. यूसुफ, सीओ सलोन के चालक शिवमूरत यादव को पुलिस लाइन भेजा गया है।
सदर कोतवाली के अतिरिक्त निरीक्षक विनय कुमार तिवारी को नया यातायात प्रभारी बनाया गया है। अपराध शाखा में तैनात निरीक्षक विजेंद्र प्रसाद शर्मा को आईजीआरएस प्रभारी बनाया गया है। पुलिस लाइन में तैनात निरीक्षक जितेंद्र कुमार ओझा को अतिरिक्त निरीक्षक सदर कोतवाली बनाया गया है। आईजीआरएस सेल प्रभारी संजय कुमार को पुलिस अधीक्षक का पीआरओ बनाया गया है।
नसीराबाद थाने में तैनात उपनिरीक्षक अतुल कुमार को इंदिरा नगर चौकी प्रभारी, जबकि इंदिरा नगर चौकी प्रभारी राकेश कुमार मिश्रा को वरिष्ठ उपनिरीक्षक थाना मिल एरिया बनाया गया है। उपनिरीक्षक राजेश कुमार सिंह मिल एरिया से सदर कोतवाली, राजीव कुमार नसीराबाद से लालगंज, गौरव कुमार गदागंज से शिवगढ़, दयाशंकर सिंह नसीराबाद से एचटीयू, मुरारी यादव, वीरेंंद्र कुमार यादव पुलिस लाइन से गदागंज, लालजी यादव पुलिस लाइन से महराजगंज, रामकृपाल सिंह डीह से यातायात कार्यालय भेजा गया है। इसके अलावा अन्य मुख्य आरक्षी व आरक्षियों को दूसरे स्थानों पर तैनाती दी गई है।
गोपनीय जांच में सामने आया वसूली का खेल
एसपी डॉ. यशवीर सिंह की सख्ती से पुलिसकर्मी सकते में हैं। विभागीय सूत्रों का दावा है कि ओवरलोड वाहनों से जिले में अवैध वसूली हो रही थी। इस खेल में यातायात शाखा में तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका की बात सामने आई थी। एसपी ने इसकी गोपनीय जांच कराई तो कई पुलिसकर्मियों के अवैध वसूली के खेल में शामिल होने की बात सामने आई। इसको लेकर पुलिस महकमे को किरकिरी हो, इससे पहले ही एसपी ने बड़ी कार्रवाई कर दी। कहा जा रहा है कि डीह थाने में एआरटीओ-पीटीओ के दो चालकों समेत 23 आरोपियों के खिलाफ जो एफआईआर हुई थी, वह एसपी की सख्ती की वजह से हुई थी।