कानपुर में हुआ ये दूसरा बड़ा रेल हादसा
- फोटो : अमर उजाला
जिले वासियों को लाभान्वित करने वाली अरबों की रेल परियोजनाएं धरातल पर आती नहीं दिख रही है। एक सप्ताह में दूसरी बार परियोजनाओं के शिलान्यास समारोह को स्थगित करना पड़ा। ये शिलान्यास रेलमंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु द्वारा बुधवार को दिल्ली में होना था और वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए यहां इसे दिखाने की योजना थी।
रेलवे स्टेशन पर इसकी सारी तैयारी कर ली गई थी, लेकिन कानपुर में अचानक हुए ट्रेन हादसे के बाद इसे रद्द कर दिया गया। रेलवे की ओर से रायबरेली-अमेठी रेल लाइन के दोहरीकरण और उतरेटिया-जंघई रेल लाइन का विद्युतीकरण कराया जाना है।
दोहरीकरण की अनुमानित लागत 358.88 करोड़ और विद्युतीकरण के कार्य की लागत करीब 253 करोड़ है। करीब एक सप्ताह पहले भी इन परियोजनाओं के शिलान्यास की तैयारी की गई थी। रेलवे स्टेशन की अव्यवस्थाओं को दूर करने का काम भी शुरू हो गया था, किन्हीं कारणों से इस समारोह का रद्द कर दिया गया।
इसके बाद बुधवार को दिल्ली में रेलमंत्री द्वारा शिलान्यास का कार्यक्रम बना। दिल्ली में हो रहे कार्यक्रम को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए रायबरेली रेलवे स्टेशन पर दिखाया जाना था। यहां इसके लिए सारी तैयारियां कर ली गई थी।
मंडल कार्यालय लखनऊ से मंडल वाणिज्य प्रबंधक अमिताभ कुमार समेत अन्य कई अफसर इसमें शिरकत करने वाले थे। इसे देखते हुए स्टेशन परिसर की सफाई के साथ ही प्लेटफार्म की रेल पटरियों और पूरे परिसर में चूना डाला गया था।
कार्यक्रम के पहले ही कानपुर देहात के निकट सियालदह-अजमेर एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे के कारण कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया। स्टेशन अधीक्षक एके श्रीवास्तव ने बताया कि रायबरेली-अमेठी रेल लाइन के दोहरीकरण और उतरेटिया-जंघई रेलखंड के विद्युतिकरण के कार्य का रेलमंत्री द्वारा दिल्ली में शिलान्यास किया जाना था और वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए इसे यहां दिखाने की तैयारी थी। लेकिन कानपुर देहात में हुए ट्रेन हादसे के कारण कार्यक्रम टाल दिया गया है।