ऊंचाहार के गोकना गंगा तट पर बृहस्पतिवार को स्नान करते श्रद्धालु।
- फोटो : ऊंचाहार के गोकना गंगा तट पर बृहस्पतिवार को स्नान करते श्रद्धालु।
डलमऊ। मकर संक्रांति पर बृहस्पतिवार को गंगा के किला, सड़क घाट, वीआईपी, संकटमोचन, पक्का, पथवारी व बड़ा मठ घाट पर श्रद्धालुओं ने हर-हर गंगे के जयघोष के बीच मोक्षदायिनी में आस्था की डुबकी लगाई। गंगा स्नान के बाद तट पर स्थित मंदिरों में पूजा कर तीर्थ पुरोहितों को खिचड़ी दान की।
सनातन धर्म पीठ बड़ा मठ के महामंडलेश्वर स्वामी देवेंद्रानंद गिरि ने कहा कि संक्रांति काल में गंगा व अन्य पवित्र नदियों में स्नान करने और गरीबों व जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र व दृव्य का दान करने की परंपरा है। इस दिन तिल व गुड़ का दान विशेष माना जाता है। पुण्य काल में स्नान-दान करने से मनुष्य कई जन्मों तक निरोगी काया को प्राप्त करता है। उधर, ऊंचाहार के गोकना गंगा घाट पर भी श्रद्धालुओं ने स्नान किया। दोपहर बाद तक स्नान-दान का सिलसिला चलता रहा। ठंड को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने घाट पर अलाव जलवाए। मां गंगा गोकर्ण जनकल्याण सेवा समिति के सचिव जितेंद्र द्विवेदी ने बताया कि लगभग पांच हजार श्रद्धालुओं ने स्नान किया है।