कमाई के चक्कर में इन मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यही नहीं दुकानों की चेकिंग तक नहीं की जा रही है। इससे मनमाने तरीके से दुकानें लगाई जा रही हैं।
जिले में दीपावली पर खूब आतिशबाजी होती है। इस बार शहर के राजकीय इंटर कॉलेज का मैदान, गोरा बाजार, मुंशीगंज कस्बा, आईटीआई मैदान में पटाखा की दुकानें लगाई जा रही हैं।
दुकानदारों को अस्थायी लाइसेंस दिए गए हैं। इन मैदानों पर दुकानें लगना शुरू हो गई हैं, लेकिन मानकों के तहत दुकानें नहीं लगाई जा रही हैं। नियम है कि दुकानों के पास वाहनों की पार्किंग 15 मीटर की दूरी रखी जाए।
200 लीटर पानी से भरा ड्रम बाल्टी समेत पास में रखा जाए। चार बाल्टी सूखी बालू भी पास में रखी जाए। पर दुकानदारों की ओर से इन नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।
खास बात है कि चाहे पुलिस विभाग हो या फिर अग्निशमन के अधिकारी, चेकिंग तक में खानापूरी कर रहे हैं। वर्ष 2013 में रतापुर चौराहे पर पटाखा की दुकानों में आग लग गई थी। इसमें कई लोगों की जहां जानें चली गई थी।
वहीं 100 से अधिक दुकानें जलकर राख हो गई थी। ऊंचाहार थाना क्षेत्र में भी अभी हाल में ही पटाखा विस्फोट होने से दो लोगों की मौत हो चुकी है। बावजूद इसको लेकर सतर्कता नहीं बरती जा रही है।
एडीएम प्रशासन एससी चौधरी का कहना है कि दुकानदारों को नियमों के तहत ही पटाखा की दुकानें लगाने के निर्देश दिए गए हैं। किसी ने नियमों की अनदेखी की तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।