डीडीसी व बीडीसी के तीसरे चरण के 17 अक्तूबर को होने वाले मतदान के लिए शुक्रवार को गहमागहमी के बीच पोलिंग पार्टियां मतदान केंद्रों पर पहुंच गईं। अमावां, राही, डीह और छतोह ब्लॉकों के 1596 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला चार लाख 27 हजार 152 मतदाता करेंगे।
पोलिंग बूथों पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। संवेदनशील केंद्रों पर खास नजर रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
गहमागहमी और अफरातफरी के बीच अमावां, राही, डीह और छतोह ब्लॉक मुख्यालयों से शुक्रवार को पोलिंग पार्टियां रवाना की गईं। वाहन और मतदान सामग्री के लिए मतदान कर्मचारी इधर-उधर भटकते रहे।
ब्लॉकों में अव्यवस्था का आलम रहा। वाहन ढूंढने में भी मतदान कर्मियों को पसीना छूटा। खासकर राही ब्लॉक में कम जगह होने के कारण वाहन इधर-उधर सड़क पर खड़े रहे। काफी प्रयास कर सेक्टर प्रभारी पार्टियों को वाहन तक ले गए व उन्हें मतदान केंद्रों तक पहुंचाया।
यही हाल डीह, छतोह, अमावां में भी रहा। तीसरे चरण में डीडीसी के 12 और बीडीसी के 292 पदों के लिए मतदान होना है। इनमें डीडीसी के 137 और बीडीसी के 1459 प्रत्याशी मैदान में हैं।
डीह। ब्लॉक परिसर से पोलिंग पार्टियां रवाना की जा रही थीं लेकिन कई बैलेट बॉक्स खराब होने के कारण 16 मतदान पार्टियों को रोक लिया गया। बाद में जिला स्तर से बैलेट बॉक्स मंगवाने के बाद पार्टियों को मतदान बूथों के लिए रवाना किया गया।
इस दौरान अफरातफरी का माहौल रहा और पोलिंग पार्टियों को रवाना करने में विलंब हुआ। यही नहीं गर्भवती शिक्षिका उर्मिला यादव को भी चुनाव कराने के लिए बूथ पर भेजा गया। इससे लोगों में नाराजगी रही।
तीसरे चरण में 37 केंद्रों को अति संवेदनशील और 24 को संवेदनशील घोषित किया गया है। इन केंद्रों पर खाकी की खास नजर रहेगी। यहां पुलिस बल की अतिरिक्त व्यवस्था होगी। 200 मीटर की परिधि में वोटर के अलावा किसी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
आदेश का अनुपालन न करने वालों को गिरफ्तार किया जाएगा। जिले की फोर्स के अलावा 250 सिपाही लखनऊ से, 35 दरोगा सीतापुर से, 10 दरोगा विजिलेंस से और छह दरोगा जीआरपी से चुनाव कराने के लिए आए हैं।