आम जनता विरोधी प्रदेश सरकार के खिलाफ रायबरेली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। सभी ने सोमवार को डीएम को ज्ञापन देकर डीजल, पेट्रोल के बढ़े दामों को वापस लिए जाने की मांग की।
साथ ही 28 जुलाई को छह घंटे पेट्रोल पंप बंद करने की चेतावनी दी। कहा कि यदि समस्या का निराकरण नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
एसोसिएशन के अध्यक्ष जीतेंद्र शर्मा ने कहा कि 22 जुलाई की रात प्रदेश सरकार ने पेट्रोल व डीजल पर न्यूनतम वैट सीमा निर्धारित करते हुए पेट्रोल के फुटकर मूल्यों में 2.09 रुपये और डीजल के 1.72 रुपये की बढ़ोत्तरी करके जनता पर और बोझ बढ़ा दिया।
मानस अवस्थी, विमल तलरेजा, अजय पाल सिंह ने कहा कि क्रूड ऑयल के प्रवेश कर को समाप्त करके निजी तेल कंपनियों को दिए जा रहे लाभ को समाप्त किया जाए।
उन्होंने कहा कि पेट्रोल पंप व्यवसाइयों का वैट से सीधा संबंध नहीं है। पूरा टैक्स तेल कंपनियों द्वारा वसूल कर लिया जाता है। इसके बावजूद व्यापार कर विभाग हम लोगों का उत्पीड़न कर रहा है।
सभी ने चेतावनी दी कि 28 जुलाई को प्रात: छह बजे से अपराह्न 12 बजे तक पेट्रोल पंप बंद रखकर विरोध किया जाएगा। यदि मांग पूरी नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन के लिए पेट्रोल पंप बंद किए जाएंगे। डीएम महेंद्र कुमार ने उनकी मांग को सरकार तक पहुंचाने की बात कही।