इससे विकास भवन में शिक्षामित्रों ने एकत्र होकर खुशी का इजहार किया। एक-दूसरे का मुंह मीठा कराकर बधाई दी। शिक्षामित्रों का कहना है कि ईमानदारी से काम किया है।
उसका फल अच्छा मिलना ही था। हक के लिए लड़ाई लड़ी गई है। उसमें सफलता मिल गई है। प्रदेश सरकार ने जिले के 2202 शिक्षामित्रों का समायोजन सहायक अध्यापक के पद पर कर दिया था।
मामला हाईकोर्ट में जाने के बाद 12 सितंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए समायोजन को निरस्त करने के साथ ही शिक्षामित्रों की नियुक्ति को ही अवैध करार दे दिया था।
नौकरी जाने के बाद शिक्षामित्रों उबाल आ गया था। कई दिनों तक ब्लॉक से लेकर जिला स्तर तक धरना-प्रदर्शन किया। बाद में सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला लिया।
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के 12 सितंबर के आदेश पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी। मंगलवार को आदेश की जानकारी मिलते ही शिक्षामित्रों में खुशी की लहर दौड़ गई।
विकास भवन में एकत्र होकर शिक्षामित्रों ने खुशी का इजहार किया। एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और डांस करके खुशी जताई। बीएसए रामसागर पति त्रिपाठी ने बताया कि शिक्षामित्रों के संबंध में जो भी आदेश आएगा।
उसका तत्काल पालन कराया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट से शासन को आदेश आने के बाद पत्र जारी होगा। जिले स्तर पर निर्देश आते ही तत्काल प्रक्रिया को पूरा कराया जाएगा।