जिले में तल्ख भरी गर्मी के साथ ही संक्रामक रोग पैर पसार रहा है। 24 घंटे के अंदर डायरिया व बुखार से एक माह की बच्ची समेत तीन महिलाओं की मौत हो गई, जबकि दस से ज्यादा लोग बीमार होने पर भर्ती किए गए हैं। यह हाल सिर्फ जिला अस्पताल का है। सीएचसी-पीएचसी में भी इन बीमारियों से संबंधित रोगी इलाज कराने पहुंच रहे हैं।
एकबारगी बढ़ रही रोगियों की संख्या से स्वास्थ्य विभाग के अफसर अंजान हैं। रोगियों के बेहतर इलाज के नाम पर सिर्फ दिशा-निर्देश ही जारी किए जा रहे हैं। अप्रैल में ही गर्मी अपने शबाब पर दिख रही है। गर्मी की वजह से डायरिया और बुखार का अटैक बढ़ गया है। इससे पीड़ित लोगों की मौत होने का सिलसिला शुरू हो गया है।
ऊंचाहार तहसील क्षेत्र के बरारा बुजुर्ग की रहने वाली खुशी (एक माह) पुत्री पंकज को तेज बुखार आया। इसके बाद उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसी तरह ऊंचाहार क्षेत्र के चड़रई की रहने वाली सलीमुननिशा (70) ने भी बुखार की चपेट में आने से दम तोड़ दिया। हरचंदपुर ब्लॉक क्षेत्र के पड़ेरा गांव की रहने वाली रिंकी (17) की डायरिया से पीड़ित होने पर मौत हो गई।
उधर, किला बाजार के रहने वाले करीम (1), अफरोज (5), इंदिरा नगर की साक्षी (21), मटिहा की शालिनी (15), महराजगंज क्षेत्र के मीरापुर की जरीना बानो (30), मुजफ्फरपुर की चंद्रपाल (70), सतेंद्र (20), राही ब्लॉक क्षेत्र के मुंशीगंज के अनुज (15), बेलाभेला के प्रभावती (25), हरचंदपुर ब्लॉक क्षेत्र के कठवारा निवासी श्याम सुंदर गुप्ता (27) को डायरिया से पीड़ित होने पर जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। सीएचसी-पीएचसी में इन बीमारी से संबंधित रोगी इलाज कराने पहुंच रहे हैं।
कार्यवाहक सीएमएस डॉ. बीरबल का कहना है कि गर्मी की वजह से बुखार और डायरिया की वजह से लोग बीमार हो रहे हैं। जिला अस्पताल आने वाले रोगियों का बेहतर इलाज करके उन्हें बचाने का प्रयास किया जाता है। लोगों को चाहिए कि वे स्वयं के साथ अपने लाडलों को गर्मी से बचाएं तथा स्वयं भी सावधानी बरतें।
इन बातों का रखें ध्यान : धूप निकले तो सूती कपड़ा प्रयोग करें। अधिक पानी का सेवन करें। धूप से जाने के बाद रुककर पानी या कोल्ड्रिंक पियें। कटे-फटे फलों का सेवन कतई न करें। हरे खीरा, ककड़ी जरूर खाएं। दस्त आने पर वायरस का घोल जरूर पिएं।