रायबरेली। दवा कारोबारी सचेंद्र सिंह से पांच लाख की टप्पेबाजी करने वाले तीन बदमाशों को बुधवार को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए बदमाशों में से एक आरोपी पुलिस की फायरिंग में घायल हो गया। उसके बाएं पैर में गोली लगी। गनीमत रही कि बदमाशों की जवाबी फायरिंग में पुलिसकर्मी बच गए। बदमाश प्रतापगढ़ जिले के रहने वाले हैं।
बछरावां कोतवाली क्षेत्र के पश्चिमगांव निवासी सचेंद्र सिंह से सोमवार को कार सवार बदमाशों ने रतापुर चौराहा से दवाओं की प्रोडेक्ट रेंज बढ़वाने में सहयोग करने का झांसा देकर पांच लाख रुपये की टप्पेबाजी कर भाग गए थे। पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह के मुताबिक मंगलवार रात घटना में प्रयुक्त कार रायबरेली-अयोध्या हाईवे पर रतापुर के पास दिखाई दी। इस पर सीओ सदर अरुण कुमार नौहवार, कार्यवाहक मिल एरिया थाना प्रभारी राकेश मिश्रा ने टीम के साथ घेराबंदी की।
पूरे लोनियन गांव के पास बदमाशों ने गाड़ी रोककर पुलिस टीम पर फायरिंग की। पुलिस की जवाबी फायरिंग में प्रतापगढ़ जिले के लीलापुर थाना क्षेत्र के सरायं लोहन राय प्यारे का पुरवा निवासी नसीम घायल हो गया। पुलिस ने उसके दो साथियों लीलापुर निवासी अरविंद दुबे और सिंधौर गांव निवासी मो. नसीम को भी गिरफ्तार कर लिया।
एसपी ने बताया कि घायल बदमाश का अस्पताल में इलाज कराया गया। तीनों बदमाशों को जेल भेजा गया। बदमाशों के पास से 26 हजार रुपये के अलावा तमंचा व कारतूस और घटना में प्रयुक्त कार बरामद की गई है। बदमाशों ने कारोबारी को दवाओं की प्रोडेक्ट रेंज बढ़वाने में सहयोग करने का झांसा देकर ठगी की घटना को अंजाम दिया था। कार्यवाहक थाना प्रभारी ने बताया कि पकड़े गए बदमाशों को 10-10 हजार रुपये मिले थे। उनके साथी फतेहपुर के रहने वाले राशिद, अरशद फरार हैं।
अरविंद पर पांच, नसीम के खिलाफ दर्ज हैं तीन मामले
एसपी के मुताबिक आरोपी अरविंद दुबे के खिलाफ प्रतापगढ़ जिले के विभिन्न थानों पर गैंगस्टर अधिनियम, आबकारी अधिनियम समेत पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं। मो. नसीम के खिलाफ विद्युत अधिनियम समेत तीन एफआईआर दर्ज हैं। एसपी का कहना है कि यह लोग व्यापार के नाम पर झांसा देकर लोगों के साथ टप्पेबाजी की घटनाओं को अंजाम देते हैं। एसपी ने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगाई गई है। जल्द उन्हें भी जेल भेजा जाएगा।