रायबरेली। गल्ला व्यापारी सुखदेव लोधी की हत्या में शामिल बदमाशों और पुलिस के बीच रविवार रात मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया, जबकि एक आरोपी को गोली लगी। घायल बदमाश को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस का दावा है कि पकड़े गए बदमाशों ने नकदी लूटने के इरादे से गल्ला व्यापारी की हत्या की थी। घटना में सात बदमाश शामिल थे। तीन बदमाश अंधेरे में भाग गए।
खीरों थाना क्षेत्र के महरानीगंज निवासी गल्ला व्यापारी सुखदेव लोधी की बीते एक जुलाई को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जबकि पत्नी सरोजनी देवी को गोली मारकर घायल किया गया था। अपर पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार सिन्हा के मुताबिक रात दो बजे मुखबिर से सूचना मिली कि गल्ला व्यापारी की हत्या में शामिल आरोपी सेमरी चौराहे के पास गंगा एक्सप्रेसवे अंडरपास पर मौजूद हैं।
सीओ लालगंज गिरजाशंकर त्रिपाठी, खीरों थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह और एसओजी प्रभारी विजेंद्र शर्मा टीम के साथ पहुंचकर आरोपियों की घेराबंदी की। पुलिस के पहुंचने पर आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की तरफ से जवाबी फायरिंग की गई। मुठभेड़ के दौरान खीरों थाना क्षेत्र के रायपुर निवासी अनुराग बाबू, सुनील कुमार, लालगंज कोतवाली क्षेत्र के पूरे गड़रियन निवासी कुलदीप को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस की फायरिंग में खीरों थाना क्षेत्र के रायपुर निवासी रमेश वर्मा घायल हो गया। उसके दोनों पैर में गोली लगी। विनोद पासी, शिवम पासी, शिवकुमार मौके से भाग निकले। आरोपियों के पास से चार तमंचे, चार मोबाइल और दो बाइकें बरामद की गई हैं। एएसपी के मुताबिक आरोपियों को पता चला था कि गल्ला व्यापारी के घर में 10 लाख रुपये रखे हैं। ऐसे में आरोपियों ने रुपये लूटने के इरादे से गल्ला व्यापारी के घर पहुंचे थे। विरोध करने पर बदमाशों ने गल्ला व्यापारी की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
गबन की धनराशि जमा करने के लिए कोटेदार बना कातिल
गल्ला व्यापारी सुखदेव लोधी की हत्या में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। गबन की धनराशि जमा करने लिए कोटेदार कातिल बन गया। पुलिस के मुताबिक पकड़ा गया आरोपी रायपुर निवासी सुनील कुमार कोटेदार है। दिसंबर में उसकी शादी हुई। शादी में उसने काफी पैसा खर्च किया था। ऐसे में उसके सामने पैसों की किल्लत आ गई थी। उसने खाताधारकों का अनाज बेच लिया था।
अधिकारियों ने एक लाख से ज्यादा का जुर्माना कोटेदार सुनील पर लगाया था और चेतावनी दी थी कि यदि पैसा जमा नहीं किया तो कोटा निरस्त कर देंगे। हालांकि, कोटा निलंबित कर दिया गया था। आरोपी रमेश की पत्नी की डिलीवरी होनी थी। उसे भी पैसे की जरूरत थी। ऐसे में सुनील जुर्माना जमा करने और रमेश पत्नी की डिलीवरी कराने के लिए गल्ला व्यापारी के घर लूटपाट करने पहुंचे थे।
कोटेदार के जीजा ने की थी रेकी
कोटेदार के जीजा ने गल्ला व्यापारी के घर की रेकी की थी। इसका खुलासा पुलिस की जांच और आरोपियों से पूछताछ में हुआ है। एएसपी के मुताबिक कोटेदार सुनील का जीजा शिवम पासी गल्ला व्यापारी के गांव का रहने वाला था। शिवम ने साले को बताया था कि उनके गांव के रहने वाले गल्ला व्यापारी के घर पर 10 लाख रुपये हैं। ऐसे में सुनील व रमेश ने तय किया कि यदि गल्ला व्यापारी के घर पर लूटपाट कर ली जाए तो उनकी जरूरतें पूरा हो जाएंगी। विनोद पासी आरोपी रमेश पासी के मामा का लड़का है, जो गल्ला व्यापारी सुखदेव के यहां पहले पल्लेदारी का कार्य किया करता था। इन सभी ने मिलकर घटना की साजिश रची थी।
कैल स्थित कचरा प्लांट से कूड़ा बिनते लोग। संवाद