रायबरेली। कार्तिक पूर्णिमा पर सोमवार को पुलिस की कड़ी चौकसी होगी। जिले के बॉर्डर पर ही लोग रोक लिए जाएंगे। कोरोना को देखते हुए पुलिस महकमा पूरी तरह से सतर्कता बरत रहा है। पुलिस सोशल मीडिया पर संदेश जारी करके लोगों से आह्वान कर रही है कि इस बार घरों में ही पर्व मनाया जाए। कोई भी जिंदगी जोखिम में न डाले।
डलमऊ गंगाघाट के अलावा सरेनी के गेगासो और ऊंचाहार के गोकना गंगाघाट पर हर साल कार्तिक पूर्णिमा मेला लगता था। साथ ही गंगा स्नान के लिए भक्त उमड़ते थे। डलमऊ गंगाघाट पर रायबरेली के अलावा सुल्तानपुर, बाराबंकी, अमेठी, प्रतापगढ़, उन्नाव, फतेहपुर समेत अन्य जिलों से करीब पांच लाख भक्त गंगा स्नान करने पहुंचते थे। कोरोना को देखते हुए बार कार्तिक पूर्णिमा मेला स्थगित कर दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि इस बार 30 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा है। कोरोना के चलते इस बार विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जिले के सभी बॉर्डर पर एक दिन पहले से ही पुलिस तैनात कर दी जाएगी। वहीं से लोगों को उनके घर वापस कर दिया जाएगा। उन्हें इस बात की जानकारी दी जाएगी कि घरों पर ही पर्व मनाएं। कोरोना से बचें। इसके अलावा लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है कि वह इस बार घाटों पर न जाएं। इसको लेकर पुलिस चौकसी बरत रही है। स्थानीय लोगों को सामूहिक रूप से गंगा स्नान नहीं करने दिया जाएगा।
तहसीलदार प्रतीत त्रिपठी, क्षेत्रीय लेखपाल रामसरन, कोतवाल लालचंद्र सरोज ने शनिवार को डलमऊ के गंगाघाटों का जायजा लिया। तहसीलदार ने घाटों की साफ-सफाई कराने पर जोर दिया। क्षेत्रीय लेखपाल से कहा कि किसी तरह की कोई खामी न होने पाए। सामूहिक रूप से कोई भी गंगा स्नान नहीं करेगा। कोतवाल ने सोशल मीडिया पर संदेश जारी करके लोगों से घरों पर ही त्योहार मनाने की अपील की।