रायबरेली। अप्रैल में कुदरत की मार ने जिले के किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पहले मंगलवार रात आंधी-पानी और फिर बुधवार सुबह हल्की बारिश से गेहूं की फसल खेतों में गिर गई। फसल भीगने के कारण कटाई-मड़ाई का कार्य ठप हो गया।
तीन हजार किसानों ने गेहूं की फसल नुकसान की शिकायत कृषि विभाग में दर्ज कराई है। जिले में इस बार एक लाख 61 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल पर गेहूं की फसल की बोवाई की गई थी। फसल की कटाई मड़ाई का कार्य शुरू हो गया है, लेकिन बेमौसम बारिश इस कार्य मेंं रोड़े अटका रही है। मंगलवार रात आंधी-पानी से गेहूं की फसल खेतों में गिर गई।
सुबह के वक्त आंधी तो नहीं चली, लेकिन हल्की बारिश हुई। कुछ देर के लिए धूप निकली। देर शाम तक आसमान में बदली छाई रही। डीह प्रतिनिधि के मुताबिक आंधी-पानी से गेहूं की फसल खराब हो रही है। किसान शिव प्रसाद तिवारी, रामेश्वर ने बताया कि फसल पक गई है। बेमौसम बारिश से गेहूं की फसल की बालियां काली पड़ रही हैं। एक सप्ताह में तीन बार आंधी-पानी से फसल का नुकसान हुआ है।
हलोर प्रतिनिधि के मुताबिक हलोर, पुरासी, अलीपुर, जमुरावां, कक्केपुर, मझिगवां, कोटवा मोहम्मदाबाद आदि गांवों में आंधी-पानी से गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। किसान हौसला प्रसाद तिवारी, उमाकांत पांडेय, श्रवण चौधरी, शीतला प्रसाद मिश्रा, जीत बहादुर सिंह, भानू सिंह कहते हैं कि बारिश से गेहूं की फसल की कटाई-मड़ाई का कार्य ठप हो गया है। गेहूं की बालियां काली पड़ रही हैं।
सरेनी प्रतिनिधि के मुताबिक किसान अयोध्या प्रसाद, रामसेवक, महेश प्रसाद, विपिन का कहना है कि यही हाल रहा तो गेहूं की फसल की कटाई नहीं हो पाएगी। लालगंज प्रतिनिधि के मुताबिक बारिश व आंधी ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। सान मुकेश त्रिवेदी ने बताया कि अगर मौसम साफ नहीं हुआ तो भारी नुकसान होगा। गेहूं की फसल पूरे साल का सहारा होती है। अब जब फसल तैयार है ऐसे समय बारिश चिंता बढ़ा रही है।
सेमरपहा के किसान राकेश ने बताया कि मौसम के बदलाव से मड़ाई में दिक्कत आ रही है। खेतों में काम रुक गया है। मजदूर भी खाली बैठे हैं। इससे लागत बढ़ रही है।
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एडीएम ने लिया नुकसान का जायजा
एडीएम वित्त एवं राजस्व अमृता सिंह ने बुधवार को सदर तहसील के ग्राम देदौर, चिलौली, डलमऊ तहसील के मधुकरपुर, सुल्तानपुर जाला तथा लालगंज तहसील के गोविंदपुर किलौली व तौधकपुर गांवों का जायजा लिया। उन्होंने खेतों में जाकर गेहूं की फसल के नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने किसानों को फसल नुकसान पर मदद दिलाने की बात कही। सभी एसडीएम से कहा गया है कि भ्रमणशील रहकर स्थिति पर नजर बनाए रखें तथा राजस्व एवं अन्य संबंधित टीमों को सक्रिय रखें। सभी लेखपालों को भी अपने क्षेत्र में भ्रमण कर क्षति का आंकलन करते हुए आवश्यक कार्रवाई करना सुनिश्चित करें।
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बीमित किसान ट्रोल फ्री नंबर पर करें शिकायत
जिला कृषि अधिकारी अखिलेश कुमार पांडेय ने बताया कि जिले के 72 हजार किसानों ने फसल का बीमा करा रखा है। फसल नुकसान होने पर बीमित किसान 72 घंटे के अंदर भारत सरकार के ट्रोल फ्री नंबर 14447 पर शिकायत दर्ज करा दें। शिकायत दर्ज कराने पर बीमा कंपनी की ओर से फसल नुकसान का जायजा लेकर मदद दिलाएगी।