डलमऊ में संकटमोचन घाट पर गंगा का बढ़ता जलस्तर।
डलमऊ-ऊंचाहार। पर्वतीय क्षेत्र में हो रही भारी बारिश के कारण गंगा नदी के जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। कटरी क्षेत्र में सब्जी की फसल जलमग्न हो गई है। पानी धीरे-धीरे गांवों की ओर बढ़ रहा है। बुधवार को गंगा तट के किनारे स्नान घाटों की सीढ़ियां डूब गई हैं। तीर्थ पुरोहितों ने अपने पंडाल पीछे कर लिए हैं।
ऊंचाहार में गोकना घाट पर गंगा नदी में जलस्तर बढ़ने का सिलसिला जारी है। बीते 24 घंटे में जलस्तर में लगभग डेढ़ मीटर बढ़ोतरी हुई है। घाटों के आसपास के लोग बाढ़ की आशंका से घबरा रहे हैं। बुधवार को केंद्रीय जल आयोग डलमऊ की ओर से गंगा नदी का जलस्तर 96.350 मीटर नापा गया, जो चेतावनी बिंदु 98.360 मीटर से अभी दो मीटर नीचे है। असल में पहाड़ी क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण बीते दो दिनों से गंगा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है।
इस कारण ग्राम अंबहा, बबुरा, जमाल नगर, मोहद्दीनपुर, चक मलिक भीटी, पूरे डगरी, पूरे रेवती सिंह के ग्रामीणों में बाढ़ की आशंका सताने लगी है। गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से गंगा कटरी क्षेत्र की लगभग 10 बीघा से अधिक क्षेत्रफल में लगाई गई सब्जी की फसल पानी में डूब गई है। उप जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि खतरे का निशान पार करने के बाद ही गंगा नदी का जलस्तर आबादी क्षेत्र में पहुंचता है। चयनित बाढ़ चौकियों में कर्मचारियों की तैनाती की गई है। क्षेत्रीय लेखपाल गंगा के जलस्तर पर नजर रखे हुए हैं।
ऊंचाहार में नदी की रेत में बोई गई सब्जियां पानी में डूबे गई हैं। हालांकि, अधिकांश किसान सब्जी की फसल बेचकर रेत से बाहर हो चुके हैं। मां गंगा गोकर्ण जनकल्याण सेवा समिति के सचिव जितेंद्र द्विवेदी ने बताया कि बीते 24 घंटों में घाट की सीढ़ियों पर पानी भर गया है। लोगों को स्नान के दौरान सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।