हरचंदपुर (रायबरेली)। थाना क्षेत्र में सोमवार को तोड़ते समय जर्जर छत ढह गई। छत के मलबे में एक युवक दब गया। गंभीर रूप से घायल युवक को सीएचसी हरचंदपुर ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई।
परिवारीजनों ने सीएचसी के डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मचारियों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। इसे लेकर अस्पताल में काफी देर तक अफरातफरी रही। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
नेवाजखेड़ा मजरे पड़ेरा गांव निवासी रामचरन यादव के घर की छत जर्जर थी। श्रमिक छत तोड़ रहे थे। इसी दौरान छत भरभराकर ढह गई। रामचरन का बेटा अमित कुमार (20) छत के मलबे में दब गया। श्रमिकों और घर वालों ने ग्रामीणों की मदद से मलबा हटाकर अमित को सीएचसी पहुंचाया। हालत नाजुक होने पर युवक को जिला अस्पताल रेफर किया गया लेकिन इसके पहले ही युवक की मौत हो गई।
युवक की मौत से आक्रोशित परिवारीजनों ने अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों व डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही किए जाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इससे काफी देर तक गहमागहमी का माहौल रहा।
सूचना मिलने पर महराजगंज सीओ रामकिशोर सिंह, थानाध्यक्ष बृजेश कुमार राय ने परिवारीजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस ने लिखापढ़ी के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सीओ ने बताया कि छत तोड़ते समय मलबा गिरने से युवक की मौत हुई है।
उधर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. शरद कुशवाहा ने बताया कि गंभीर रूप से घायल युवक का प्राथमिक उपचार किया गया। हालत नाजुक होने पर घायल युवक को जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया तभी उसकी मौत हो गई। इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं हुई है।