लंबे इंतजार के बाद सोमवार को झमाझम बारिश हुई। गर्मी और उमस से जहां लोगों को राहत मिली। वहीं जलभराव के कारण काफी परेशानी झेलनी पड़ी। दरवाजे और मोहल्लों में पानी भरा होने से घंटों तक लोग घरों में कैद रहे। निचले इलाकों में सबसे ज्यादा परेशानी हुई।
कई चक्र में घंटों हुई बरसात से पूरा शहर पानी-पानी हो गया। सफाई में लापरवाही के कारण नाले और नालियां चोक हो गई। प्रमुख सड़कें, गलियां, अस्पताल, सरकारी दफ्तर, स्कूलों समेत हर तरफ सिर्फ पानी ही पानी दिखा।
मानसून के इंतजार में गर्मी से जूझ रहे लोगों को सोमवार को हुई तेज बरसात ने राहत दी। गर्मी में चिपचिपाहट और पसीने से तो छुटकारा मिल गया, लेकिन जलभराव के कारण लोग परेशान हो गए। नगर पालिका की ओर से कागजों पर की गई बारिश के पूर्व की तैयारियों का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ा।
चाणक्यपुरी, गांधी नगर, इंदिरा नगर, सोनिया नगर, नया पुरवा, घोसियाना, अमर नगर, बस स्टेशन रोड, आनंद नगर, निराला नगर, सत्य नगर समेत अन्य मोहल्लों की गलियां पानी से लबालब हो गईं। नाले और नालियां ओवरफ्लो होकर बहे।
एसपी ऑफिस, कलेक्ट्रेट, विकास भवन, जिला अस्पताल, जीआईसी समेत कल्लू का पुरवा, मलिकमऊ रोड, गोरा बाजार समेत कई प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में जलभराव हो गया है। कहीं-कहीं तो पानी घरों और दुकानों के अंदर घुस गया। बारिश बंद होने के बाद लोगों को घरों में घुसा पानी निकालने के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ी।
चाणक्यपुरी के दुर्गेश सिंह, गांधी नगर के विवेक कुमार, निराला नगर के संजू तिवारी, बस स्टेशन रोड के नवीन द्विवेदी का कहना है कि जिस तरह से नगर पालिका ने नालों और नालियों की सफाई कराई थी, उससे यह हालात तो आने ही थे।
नालों की सफाई में महज खानापूरी की गई। चंद नालों की सफाई कराकर पालिका ने सारी तैयारियां पूरी करने के दावे कर दिया। इसी का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। पालिका ईओ पीएन सिंह ने बताया कि तेज बारिश की वजह से कुछ निचले इलाकों में जलभराव हो गया है। कर्मचारियों को सभी जगह पर भरा पानी निकलवाने के निर्देश दिए गए हैं।