शहर के रेलवे स्टेशन के पार्सल गेट के पास रखे पत्थर।
रायबरेली। शहर के रेलवे स्टेशन की तस्वीर तीन महीने बाद बदली नजर आएगी। यह स्टेशन अमृत भारत योजन में चयनित है, जहां पुनर्विकास कार्य चल रहा है। रुके कार्य अब फिर से शुरू करा दिए गए हैं। यह कहा जा रहा है कि तीन महीने बाद स्टेशन पर काफी बदलाव नजर आएगा।
जिले में चार रेलवे स्टेशन अमृत भारत योजना के तहत चयनित हैं, जिनमें रायबरेली स्टेशन को सबसे पहले चयनित किया गया था। इसके बाद चयनित हुए बछरावां स्टेशन पर काम पूरा कराया जा चुका है। दो अन्य स्टेशनों पर काम के नाम पर खानापूर्ति हो रही है। रायबरेली स्टेशन की बात करें तो करीब साढ़े तीन साल पहले पुनर्विकास कार्य शुरू हुए थे। इसके तहत स्टेशन परिसर को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाना है। स्टेशन के दूसरे हिस्से पर नया भवन बनना है, ताकि दूसरी तरफ भी प्रवेश द्वार बनाए जा सके।
दूसरा स्टेशन अधूरा पड़ा है। स्टेशन के मुख्य भवन की तरफ चौपहिया वाहनों के लिए पार्किंग अधूरी पड़ी है। बाउंड्रीवाॅल समेत कई काम रुके हुए हैं। लगभग छह महीने तक ठप रहा, जिन्हें अब फिर से शुरू कर दिया गया है। दूसरी तरफ स्टेशन भवन पर निर्माण सामग्री पहुंचने लगी है, वहीं प्लेटफॉर्म नंबर एक की फर्श पर लगे पुराने पत्थर हटाए जा रहे हैं। नए पत्थर मंगा लिए गए हैं। मुख्य स्टेशन भवन की बाहरी दीवार का प्लास्टर उखाड़ा जाने लगा है। प्लेटफॉर्म की फर्श के साथ ही दीवारों को भी नए सिरे से चमकाया जाएगा।
यात्री राम सुमिरन, सुरेंद्र कुमार, सूरज दीन ने कहा कि रोजाना ट्रेन से सफर करते हैं। कई महीने से काम बंद था। अब काम होता दिख रहा है। गति शक्ति के वरिष्ठ कार्य अभियंता अभिषेक कुमार ने बताया कि बछरावां में पहले काम पूरा करना था, इसलिए सारी टीमें वहीं लगी थीं। अब टीमें खाली हो गई हैं। इसलिए रायबरेली में काम शुरू हो गया है। तीन महीने में स्टेशन की सूरत बदली दिखेगी।
शहर के रेलवे स्टेशन के पार्सल गेट के पास रखे पत्थर।
शहर के रेलवे स्टेशन के पार्सल गेट के पास रखे पत्थर।