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50 गांवों में बिजली संकट, फूटा उपभोक्ताओं का आक्रोश

Tue, 01 Sep 2015 11:34 PM IST
रायबरेली/अमर उजाला ब्यूरो
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खीरों क्षेत्र में व्याप्त बिजली संकट पर सोमवार रात उपभोक्ताओं का धैर्य जवाब दे गया। अघोषित कटौती से त्रस्त ग्रामीणों ने खीरों बिजली घर को घेर लिया। इस दौरान लोगों और कर्मचारियों के बीच तीखी तकरार व हाथापाई तक हुई।
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अभद्रता से नाराज कर्मचारियों ने उपकेंद्र में ताला जड़ दिया। यही नहीं मंगलवार की सुबह ग्रामीण फिर उपकेंद्र पहुंचे और एसडीओ उमेश सिंह को ज्ञापन सौंपा। सभी ने 24 घंटे में जेई और उपकेंद्र के कर्मचारियों को हटाने की मांग की। मांग पूरी न होने पर विरोध प्रदर्शन की धमकी भी दी।


खीरों में पिछले कई दिनों से बिजली संकट है। कभी खीरों फीडर में खराबी तो कभी अन्य कारणों से आपूर्ति बाधित रहती है। हालात यह हैं कि कई-कई दिन तक लोगों को बिजली नहीं मिल पाती।
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उपकेंद्र से देवगांव, पाहो, सतांव, अजीतपुर और निहस्था फीडर चलते हैं। सोमवार रात देवगांव और पाहो फीडर को सप्लाई नहीं दी गई। इससे लोगों को गुस्सा भड़क उठा। ग्रामीण एकत्र होकर उपकेंद्र पहुंचे।

यहां कर्मचारियों और लोगों के बीच जमकर नोकझोंक और कहासुनी हुई। यही नहीं कर्मचारियों से धक्कामुक्की और हाथापाई भी हुई। अभद्रता से नाराज होकर कर्मचारियों ने उपकेंद्र के चल रहे सभी फीडर बंद कर दिए।

 इतना ही नहीं उपकेंद्र के दरवाजे पर ताला डाल दिया। इससे पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूब गया। कुछ देर बाद ग्रामीण वहां से चले गए। मंगलवार की सुबह लोगों ने पहले थाने और ब्लॉक कार्यालय में बिजली समस्या को लेकर ज्ञापन सौंपा।

इसके बाद पावर कॉर्पोरेशन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उपकेंद्र पहुंचे। यहां मौजूद एसडीओ उमेश सिंह को ज्ञापन दिया। सभी ने जेई शैलेंद्र मौर्या और बिजली घर के कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने की मांग की।
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