रायबरेली। चार दिन पहले गुरुबख्शगंज इलाके में हुई युवक की हत्या का बुधवार को पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने मामले में युवक की मां, बहन और उसके बहनोई को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक सुरेंद्र मां के साथ मारपीट करता था। साथ ही बहन के नाम दर्ज जमीन को अपने नाम लिखाने का दबाव बना रहा था। इससे तंग आकर मां ने बेटे की हत्या की साजिश रची थी।
पुलिस कार्यालय स्थित किरण हाल में आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस में एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने बताया कि गुरुबख्शगंज थाना क्षेत्र के रामनगर मजरे पोरई गांव निवासी सुरेंद्र कुमार उर्फ लाला (25) की रविवार की रात गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। मां राजकुमारी ने अज्ञात पर हत्या का केस दर्ज कराया था। वारदात के खुलासे के लिए थाना प्रभारी प्रमोद कुमार सिंह, एसओजी प्रभारी विजेंद्र शर्मा, सर्विलांस प्रभारी सीपी सिंह की टीम गठित की गई थी।
पुलिस टीमों ने बुधवार सुबह करीब पांच बजे रायबरेली रोड स्थित रामनगर मोड़ के पास से घटना में शामिल मृतक की मां राजकुमारी, बहनोई बृजेश यादव निवासी पूरे फुरसत पोस्ट बरउवा, बहन सचिन को गिरफ्तार किया। वहीं हरिश्चंद्र निवासी वन पुरवा मजरे बरउवा फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।
एसपी के मुताबिक पिता की मौत के बाद बहन सचिन के नाम अभिलेखों में दर्ज जमीन को अपने नाम कराने को लेकर दबाव बनाता था। विरोध करने पर बहन के साथ मां को मारता-पीटता था। फरार आरोपी हरिश्चंद्र को हत्या करने के लिए 50 हजार रुपये की सुपारी दी थी। एडवांस के तौर पर 27 हजार रुपये तीन किश्तों में दिया था।
योजना के तहत घटना वाले दिन सुरेंद्र, उसके बहनोई बृजेश और हरिश्चंद्र ने एक साथ बैठकर शराब पी थी। सुरेंद्र को शराब ज्यादा पिलाई थी, ताकि आसानी से उसका कत्ल किया जा सके। इसके बाद आरोपियों ने सुरेंद्र की बाइक को चंदई रघुनाथपुर चौराहा के निकट खड़ा करा और फिर उसे बाग में ले जाकर गला घोंटकर मार दिया।
हिस्से में आई थी दो-दो बीघे जमीन
पिता की मौत के बाद मृतक सुरेंद्र, उसकी मां और बहन के नाम दो-दो बीघे जमीन अभिलेखों में दर्ज हुई थी। उस समय बहन छोटी थी, इसलिए उसके नाम भी जमीन अभिलखों में दर्ज हो गई थी। पुलिस के मुताबिक सुरेंद्र ने अपनी 10 बिस्वा जमीन को बेंच भी दिया था। बहन की जमीन को भी बेचना चाहता था। यही वजह रही कि वह बहन के नाम दर्ज जमीन को अपने नाम लिखाने का दबाव बना रहा था। उसने भाई के नाम जमीन दर्ज कराने से मना कर दिया था।
सर्विलांस के जरिए कातिलों तक पहुंची पुलिस
एक बार फिर सर्विलांस के जरिए पुलिस कातिलों तक पहुंचने में कामयाब रही। पुलिस के मुताबिक सर्विलांस के जरिए घटनास्थल पर मृतक सुरेंद्र के बहनोई के अलावा हरिश्चंद्र के मोबाइल की लोकेशन मिली थी। पुलिस ने सुरेंद्र के बहनोई को पकडक़र कड़ाई से पूछताछ शुरू किया तो उसने घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली। साथ ही घटना में सुरेंद्र की मां व बहन के भी शामिल होने की बात बता दी।